अभी तक उत्पादन में कटौती करने की दौड़ से अलग घरेलू सीमेंट उद्योग भी स्टॉक इकट्ठा होने की वजह से परेशानी में फंस गया है।
माना जा रहा है कि सीमेंट निर्माता कंपनियां स्टॉक खत्म करने के लिए उत्पादन में कटौती का ऐलान कर देंगी। पिछले दिनों उत्पादन के मुकाबले बिक्री में कमी देखी गई, जिस वजह से कंपनियों से निकल कर डीलरों के गोदामों में (डीसपैच) सीमेंट की बोरियों की संख्या जरूरत से ज्यादा बढ़ गई है।
उद्योग जगत की कंपनियों का कहना है कि अगर पूरे उद्योग पर नजर घुमाई जाए तो यहां कटौती नहीं हुई है, लेकिन यह भी सही है कि कंपनियों के वैयक्तिक स्तर पर उत्पादन घटाने के फैसले को खारिज नहीं किया जा सकता।
उत्पादन और डीसपैच के बीच अंतर बढ़ने, सीमेंट की कीमतों में इजाफा न होने और स्टॉक स्तर बढ़कर 20 लाख टन होने से अब सीमेंट निर्माता कंपनियों पर असर पड़ने लगा है। मौजूदा दौर में सीमेंट उद्योग बड़े स्तर पर विस्तार की प्रक्रिया से गुजर रहा है।
सीमेंट निर्माता कंपनियों के संघ के अध्यक्ष और श्री सीमेंट के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एच एम बांगड़ का कहना है, ‘कुछ कंपनियां अपनी मर्जी से हो सकता है कि उत्पादन में कटौती का फैसला लें।
इनमें वे कंपनियां शामिल होंगी, जो पूरी तरह से मौजूदा दौर से लड़ने के काबिल नहीं हैं और अपने उत्पादन को बेच नहीं पा रहीं। इसलिए कहा जा सकता है कि कटौती होगी। हालांकि उद्योग के तौर पर कटौती नहीं होगी, क्योंकि मांग में गिरावट नहीं देखी और पिछले साल के मुकाबले बिक्री में 7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।’
20.5 करोड़ टन के सीमेंट उद्योग में वित्त वर्ष 2008 में 3 करोड़ से अधिक क्षमता को बढ़ाया गया और मौजूदा वित्त वर्ष में भी उद्योग इतनी ही क्षमता और बढ़ाई जाने के लिए तैयार है, ताकि कुल उत्पादन क्षमता को 23 करोड़ टन तक पहुंचाया जा सके।
हालांकि सीमेंट उद्योग में मांग की दशा बुरे दौर में है, जिसमें विकास दर अपने अनुमान 10 प्रतिशत से कम 7 से 8 प्रतिशत दिखाई दे रही है।
अंबुजा सीमेंट के प्रबंध निदेशक ए एल कपूर का कहना है, ‘उद्योग जगत अधिक स्टॉक इकट्ठा होने की वजह से मुसीबतों से जूझ रही है। अब देखते यह है कि माल के बढ़ते स्तर के साथ किसमें कितना धीरज है।’
अक्टूबर में सीमेंट उद्योग में डीसपैच विकास दर 4 प्रतिशत थी। इस महीने में स्टॉक लगभग 5 लाख टन था, जो पिछले कुछ वर्षों में स्टॉक का सबसे अधिक स्तर है। अभी तक मौजूदा वित्त वर्ष में उद्योग ने 10.10 करोड़ टन सीमेंट का उत्पादन किया है, जबकि निर्यात को भी मिलाकर कुल डीसपैच 10.02 करोड़ टन ही रहा है।
दक्षिण में अपनी मजबूत पकड़ किए हुए डालमिया सीमेंट में मुख्या कार्याधिकारी टी वेंकटेशन का कहना है, ‘कोई भी डर के साथ अभी अपना पैसा खर्च या फिर संरक्षित नहीं करना चाहती।’
बिनानी सीमेंट के प्रबंध निदेशक विनोद जुनेजा का कहना है, ‘जिन कंपनियों के संयंत्र भीतरी प्रदेशों में है, वे निर्यात नहीं कर पा रही और उन्हें मुसीबतों का सामना करना होगा।’ कंपनी ने क्लिंकर का निर्यात अपने दुबई संयंत्र को करना शुरू कर दिया है, ताकि स्टॉक को खत्म कर सके।