देश में अपने परिचालन का एक साल पूरा होने और विकास का स्वाद चखने के बाद डेनमार्क की बियर कंपनी कार्ल्सबर्ग अगले साल अपनी बाजार भागीदारी दोगुनी कर 10 फीसदी करना चाहती है।
भारत में फिलहाल कंपनी के दो ब्रांड -ज्यादा अल्कोहल की बियर श्रेणी में ओकोकिम पलोन और कम अल्कोहल की बियर श्रेणी में कार्ल्सबर्ग मौजूद हैं। कंपनी भारत में अपनी रणनीति के दूसरे चरण के तहत पूरे देश में विस्तार कर रही है।
कार्ल्सबर्ग के प्रबंध निदेशक (भारत) प्रदीप गिडवानी ने कहा, ‘भारत कार्ल्सबर्ग के लिए दीर्घावधि रणनीति वाला बाजार है। पिछले साल पहले चरण को अंजाम दिया गया था जिसके तहत ब्रेवरीज की स्थापना की गई और ब्रांड को लॉन्च किया गया था। अब दूसरे चरण के तहत कंपनी अपने दोनों ब्रांडों को पूरे देश में फैला कर 10 फीसदी बाजार भागीदारी हासिल करना चाहती है।’
इसके ज्यादा अल्कोहल वाले बियर ब्रांड ओकोकिम पलोन ने इस साल अपने लॉन्च के 10 महीने के अंदर 10 लाख केस यानी पेटियों का आंकड़ा पार कर लिया है।
दूसरी तरफ कार्ल्सबर्ग ब्रांड दिल्लीएनसीआर जैसे बाजारों में कम अल्कोहल वाली बियर श्रेणी में नंबर 3 का दर्जा पहले ही हासिल कर चुका है।
इस ब्रांड की बाजार भागीदारी 8 फीसदी है जबकि यूबी समूह की बाजार भागीदारी तकरीबन 70 फीसदी और सैब मिलर की 20 फीसदी है।
गिडवानी ने कहा, ‘हम अपने ब्रांडों को इनकी श्रेणियों में उच्च स्थान दिलाना चाहते हैं। उदाहरण के लिए, हम चाहते हैं कि कार्ल्सबर्ग भारतीय बियर बाजार का मर्सिडीज बने।’
भारतीय बियर बाजार सालाना 15.6 करोड़ पेटियों का है और यह 8-10 फीसदी की सालाना रफ्तार से विकास कर रहा है। देश में बियर की प्रति व्यक्ति खपत चीन की तुलना में काफी कम है।
बेल्जियम की इनबेव, कोबरा बियर, एशिया पैसीफिक ब्रेवरीज जैसी अंतर्राष्ट्रीय बियर कंपनियां पिछले एक साल में दर्जनों ब्रांडों के साथ प्रवेश कर चुकी हैं।
कार्ल्सबर्ग फैशन उद्योग के साथ भी विपणन अवसर तलाश रही है। ब्रांड पहुंच के विस्तार और राष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति कायम करने के लिए कंपनी ने लाउंज एवं पबों जैसे स्थलों पर सैम्पलिंग अभियान भी शुरू है।
कंपनी उत्तर, पूर्व और पश्चिम भारत में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कर चुकी है और अब वह दक्षिणी बाजारों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी दक्षिण बाजारों के लिए वहां अवसर तलाश सकती है।