बजाज को भी समझ आए नैनो के इशारे

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 9:59 PM IST

नैनो के खतरे को भांपते हुए देश में तिपहिया वाहन निर्माण की अगुआ कंपनी बजाज ऑटो अपने तिपहिया वाहनों की कीमतों में कटौती कर सकती है।
दरअसल नैनो के आने से तिपहिया वाहनों खासकर पैसेंजर ऑटो की बिक्री के गिरने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस लिहाज से ग्राहकों को लुभाने के लिए बजाज ऑटो अपने तिपहिया वाहनों की कीमतें घटाने की सोच रही है।
बजाज ऑटो के कार्यकारी निदेशक संजीव बजाज का इस बारे में कहना है, ‘हम इस स्थिति में हैं कि आने वाले वक्त में इस श्रेणी में कीमतों में कुछ कटौती कर सकें।’
नैनो के बाजार में आने से पहले ऑटो उद्योग के कई जानकारों ने यह आशंका जताई थी कि नैनो की वजह से तिपहिया ऑटो की बिक्री घट सकती है क्योंकि जब ऑटो की कीमत में लोगों को कार उपलब्ध होगी तब बहुत सारे ग्राहकों का रुख नैनो की ओर बढ़ सकता है।
टाटा नैनो की पंतनगर में एक्स शोरूम कीमत जहां 1.12 लाख रुपये है वहीं बजाज ऑटो के आरई पेट्रोल वर्जन की कीमत 90,000 रुपये और डीजल वर्जन की कीमत 1.2 लाख रुपये है। यात्री कार बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजूकी के अध्यक्ष आर सी भार्गव सहित ऑटो उद्योग के कई जानकारों का मानना रहा है कि नैनो के आने से ऑटो रिक्शा खरीदने वाले ग्राहक बड़ी तादाद में नैनो का दामन थाम सकते हैं।
जब बराबर कीमत में ग्राहक को ज्यादा आरामदायक और सुरक्षित विकल्प मिलेगा तब जाहिर है ग्राहक ऐसे विकल्प को ही चुनने में ही बेहतरी समझेंगे। कई जानकारों का मानना है कि बजाज ऑटो को कीमतें घटाने में ज्यादा दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
बजाज ऑटो की एक प्रतिद्वंद्वी तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी के एक अधिकारी का कहना है, ‘बजाज ऑटो के लिए ऐसा करना संभव है। यह कंपनी पिछले 60 वर्षों से तिपहिया वाहन बना रही है। इसका मतलब है कि कंपनी ने इसके लिए जितना निवेश किया था, उससे ज्यादा कमाई कर चुकी है। इसलिए बजाज ऑटो मौजूदा दौर में कीमतें घटा भी दे तब उसे ज्यादा फर्क नहीं पड़ना चाहिए।’
एंजेल ब्रोकिंग में ऑटो विश्लेषक वैशाली जाजू कहती हैं, ‘बजाज ऑटो की कमाई का बड़ा हिस्सा तिपहिया वाहनों की बिक्री से ही आता है।’ तिपहिया वाहनों के कुल बाजार में पैसेंजर ऑटो की हिस्सेदारी 76 फीसदी है, जिसमें से 46 फीसदी हिस्से पर तो बजाज का ही कब्जा है।
पियाजो की 38 फीसदी और महिन्द्रा की 10 फीसदी हिस्सेदारी है। पैसेंजर ऑटो का बाजार भी तीन सीटों और छह सीटों वाले ऑटो में बंटा हुआ है। इस होड़ में 1.8 लाख रुपये कीमत वाले टाटा मोटर्स के एस मैजिक ने भी मुकाबले को और कड़ा कर दिया है।
जहां तक नैनो के खतरे की बात है तो बजाज ऑटो खुले तौर पर इसे कोई खतरा मानने को तैयार नहीं हैं। बजाज का कहना है, ‘अगर आप लागत, रखरखाव और माईलेज की बात करें तो इस मामले में नैनो कहीं नहीं ठहरती। दरअसल रखरखाव की कीमत ही ग्राहक के लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है।’
नैनो की वजह से तिपहिया की बिक्री कम होने का अंदेशा
बजाज ने दिए तिपहिया की कीमतों में कमी के संकेत
बराबर एक्स शो रूम कीमत है नैनो और बजाज ऑटो के तिपहिया की
तिपहिया के बाजार में इस समय बजाज की है 46 फीसदी हिस्सेदारी

First Published : March 29, 2009 | 9:34 PM IST