दुनिया की सबसे बड़ी स्टील निर्माता कंपनी आर्सेलर-मित्तल स्टील को पिछले वर्ष की चौथी तिमाही में भारी नुकसान हुआ है। इसी वजह से कंपनी ने बुधवार को घोषणा की कि वह अब और ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है।
अभी तक उसकी योजना 9,000 कर्मचारियों की छंटनी करने की थी। प्रवासी भारतीय लक्ष्मी निवास मित्तल की इस कंपनी ने कहा कि वर्ष 2008 में उसका शुध्द मुनाफा नौ फीसदी घटकर 9.4 अरब डालर हो गया।
आर्थिक मंदी से निपटने के लिए आर्सेलर-मित्तल चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अपने उत्पादन में कटौती को जारी रखेगा। इसके चलते 9,000 कर्मचारियों की छंटनी से जुड़े पूर्वानुमान को और भी बढ़ाया जा सकता है।
कंपनी के वित्त निदेशक आदित्य मित्तल ने बताया कि, ‘अब कंपनी उत्पादन में जुटे कर्मचारियों के लिए भी स्वेच्छा से कंपनी छोड़ने की योजना को अपनाने जा रही है।’ गौरतलब है कि 2008 की आखिरी तिमाही में समूह को 2.6 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, जबकि 2007 की इसी अवधि में उसे 2.4 अरब डॉलर का शुध्द मुनाफा हुआ था।
वह इस वर्ष की पहली तिमाही में उत्पादन में कटौती को जारी रखेगी। इस दौरान कंपनी की बिक्री में भी 21.11 फीसदी यानी करीब पांच अरब डॉलर की गिरावट आई है। इस साल कंपनी सिर्फ 22.08 अरब डॉलर के उत्पाद बेच पाई, जबकि पिछले साल उसने 27.99 अरब डॉलर की बिक्री की थी।
कंपनी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी लक्ष्मी निवास मित्तल ने बताया कि, ‘आर्सेलर-मित्तल ने वैसे 2008 में काफी अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन आखिरी तिमाही में मंदी के माहौल ने सब गुड़गोबर कर दिया।’