स्पूतनिक टीके के लिए मांगी मंजूरी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 8:02 AM IST

डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (डीआरएल) ने देश के औषधि नियामक के समक्ष कोरोनावायरस से बचाव के लिए स्पूतनिक-5 टीके के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी का आवेदन किया है। इससे पहले कंपनी ने संकेत दिया था कि नियामकीय मंजूरी मिलने पर मार्च में टीकाकरण की शुरुआत हो सकती है।
कंपनी ने अगले एक वर्ष में भारतीय नागरिकों के लिए टीके की 25 करोड़ खुराक जुटाने तैयारी कर ली है। ह्यूमन एडेनोवायरल वेक्टर (फ्लू वायरस) पर आधारित यह टीका रूस के गामालेया नैशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमीआलजी ऐंड माइक्रोबॉयोलजी ने विकसित किया है। टीके को रूस में गत वर्ष अगस्त में पंजीकृत किया गया था। कंपनी ने कहा कि वह दूसरे चरण के चिकित्सकीय परीक्षण और तीसरे चरण के अध्ययन के अंतरिम आंकड़े पेश करेगी जिनके 21 फरवरी तक पूरा होने का अनुमान है।
भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) को मशविरा दे रही विषय विशेषज्ञ समिति अगले सप्ताह आवेदन की समीक्षा कर सकती है। दुनिया भर में 26 देश टीके को मंजूरी दे चुके हैं और 20 लाख से अधिक लोगों को यह टीका लगाया भी जा चुका है।
स्पूतनिक-5 टीके के चिकित्सकीय परीक्षण और भारत में उसके वितरण अधिकार के लिए डीआरएल ने रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) के साथ साझेदारी की है। भारत में फिलहाल इस टीके के तीसरे चरण के परीक्षण चल रहे हैं। स्पूतनिक-5 टीके ने तीसरे चरण के चिकित्सकीय परीक्षण में 91.6 फीसदी प्रभाव दिखाया है। यह विश्लेषण रूस के 19,866 प्रतिभागियों पर आधारित है। इन्हें टीके की दो खुराक दी गई हैं। डीआरएल का दावा है कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के 2,144 प्रतिभागियों पर भी इस टीके ने 91.8 फीसदी असर दिखाया।
डीआरएल के सह अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक जी वी प्रसाद ने कहा, ‘आपात इस्तेमाल की मंजूरी प्रक्रिया की शुरुआत, देश में स्पूतनिक-5 टीके की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा मेंं अहम है।’
इस बीच डीआरएल और आरडीआईएफ के बीच टीके को लेकर साझेदारी का दायरा बढ़ाने पर बातचीत चल रही है ताकि टीके को उन देशों में भी उपलब्ध कराया जा सके जहां कंपनी की तगड़ी उपस्थिति है।
डीआरएल के एपीआई और औषधि कारोबार के मुख्य कार्याधिकारी दीपक सप्रा ने कहा कि कंपनी ने अगले 12 महीनों के दौरान 12.5 करोड़ भारतीय मरीजों के लिए खुराक (हर मरीज को दो खुराक) जुटाने की व्यवस्था कर ली है। इनमें से अधिकांश टीके भारत में बनेंगे जबकि कुछ रूस से आएंगे। टीके की दो खुराक 21 दिन के अंतर पर दी जानी हैं।
आरडीआईएफ ने भारत में टीका बनाने के लिए दो कंपनियों के साथ साझेदारी की है जिनमें हैदराबाद की हेटरो शामिल है। फिलहाल दो स्थानों पर तकनीक स्थानांतरण की प्रक्रिया चल रही है। नवंबर में हेटरो ने भारत में प्रति वर्ष स्पूतनिक की 10 करोड़ खुराक बनाने का अनुबंध किया था। डीआरएल भारत में टीके का विपणन करेगी। कंपनी को आशा है कि वह भारत सरकार और निजी बाजार, दोनों को टीके की आपूर्ति करेगी।
डीआरएल ने कहा कि कीमतों को लेकर वह भारतीय हालात के मद्देेनजर आरडीआईएफ के साथ चर्चा कर रही है। भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने सरकार और निजी बाजार के लिए टीके की अलग-अलग कीमत घोषित की है। आरडीआईएफ ने पहले विश्व स्तर पर स्पूतनिक की एक खुराक के लिए 10 डॉलर की कीमत घोषित की थी। सप्रा ने कहा कि भारत में टीके की कीमत को लेकर बातचीत जारी है।

First Published : February 19, 2021 | 11:39 PM IST