टेलीकॉम कंपनी ने प्रीमियम सेवाओं को बढ़ावा देने और मौद्रीकरण को गति देने के लिए लक्षित प्लान बदलावों का सहारा लिया है।
भारती एयरटेल ने चुनिंदा प्रीपेड पैक बंद करने का फैसला किया है, जिससे प्रति यूजर्स औसत राजस्व (ARPU) में चार से 12 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है। ब्रोकरेज कंपनियों ने यह अनुमान लगाया है। गौरतलब है कि टेलीकॉम कंपनी ने प्रीमियम सेवाओं को बढ़ावा देने और मौद्रीकरण को गति देने के लिए लक्षित प्लान बदलावों का सहारा लिया है। कुछ विश्लेषकों ने इन बदलावों को सभी प्लान पर व्यापक या औपचारिक शुल्क वृद्धि के बजाय ग्राहकों को ‘अपग्रेड’ के लिए प्रेरित करने के रूप में देखा है।
भारती एयरटेल ने हाल में चार प्रीपेड प्लान – 299 रुपये, 579 रुपये, 619 रुपये और 649 रुपये को वापस ले लिया, जिससे लोकप्रिय 299 रुपये वाले प्लान के ग्राहकों के पास चुनने के लिए अधिक महंगे विकल्प ही बचे हैं।
प्रीपेड पेशकशों में किए गए इस फेरबदल से शुरुआती स्तर के 199 रुपये और 219 रुपये के प्लान पर कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन इसका मतलब है कि लोकप्रिय 299 रुपये वाले प्लान के ग्राहकों को अब 349 रुपये वाले पैक का विकल्प चुनना पड़ सकता है, जो उनके लिए लगभग 16 फीसदी की मूल्य वृद्धि दर्शाता है।
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ब्रोकरेज कंपनियों – मॉर्गन स्टेनली, IIFL कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल और सिटी ने अपनी हालिया टिप्पणियों में एयरटेल के प्रति ग्राहक औसत राजस्व (ARPU) में वृद्धि का अनुमान जताया है। इनका कहना है कि एयरटेल के मंथली ARPU में चार रुपये से 12 रुपये के दायरे में वृद्धि हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बंद किए गए पैक के ग्राहक ज्यादा कीमत वाले डेटा प्लान को अपना सकते हैं।
मॉर्गन स्टेनली ने अनुमान लगाया कि कंपनी स्तर पर लगभग 8-12 रुपये की ग्रॉस ARPU ग्रोथ हो सकती है। सिटी ने हर महीने लगभग चार रुपये के ARPU लाभ का अनुमान लगाया। जेएम फाइनेंशियल ने संभावित वृद्धि को 5-6 रुपये या लगभग दो फीसदी आंका है। IIFL कैपिटल ने लगभग 12 रुपये के सालाना ARPU विस्तार का अनुमान लगाया।
(PTI इनपुट के साथ)