इस साल सर्दियों में कोहरे से मुकाबला करने के लिए जेट एयरवेज, स्पाइस जेट और इंडिगो ने कुछ विशेष उपाय किए हैं, ताकि यात्रियों को हवाई अड्डे पर उतरने के लिए घंटों-घंटों हवा में न रहना पड़े।
इसके लिए विमानन कंपनियों के उपायों में विमानों की पार्किंग योजनाएं, नेटवर्क योजना और पायलटों को कोहरे के चलते देखने में होने वाली दिक्कतों के लिए प्रशिक्षण शामिल है।
कंपनी सूत्रों का कहना है जहां पिछले साल स्पाइसजेट ने अपने 15 विमानों के बेड़े में से 40 प्रतिशत विमान दिल्ली में रखे थे, इस साल कंपनी सिर्फ 33 प्रतिशत विमान ही दिल्ली में रखेगी।
इंडिगो अपने कुल बेड़े में से दो-तिहाई विमान दिल्ली के बाहर दूसरी जगहों पर रखेगी, जबकि पिछले साल कंपनी ने 14 में से 7 विमान दिल्ली में रखे थे।
स्पाइस जेट के दिल्ली परिचालन कार्य में इस बार कुछ कमी आएगी, क्योंकि कंपनी ने इस सर्दी में दिल्ली में अधिक विमानों को न लगाने का फैसला लिया है, जबकि कंपनी मुंबई में परिचालन कार्य में अहम इजाफा करेगी।
स्पाइसजेट के मुख्य परिचालन अधिकारी संयुक्त श्रीधरन का कहना है, ‘पिछले साल के मुकाबले इस साल सर्दियों में हमारी कुल उड़ानों में से दिल्ली से उड़ानों की संख्या में कमी होगी। पिछले साल 100 उड़ानों में से 24 उड़ानें दिल्ली थी, जबकि इस साल 120 में से 26 उड़ानें दिल्ली से भरी जाएंगी।’
इसके अलावा दोनों विमानन कंपनियों ने इस बार दिल्ली हवाई अड्डे पर अतिरिक्त विमान रखने का फैसला लिया है, जिसका इस्तेमाल बेवजह उड़ान में देरी या रद्द होने के समय पर किया जा सकेगा।
फुल सर्विस मुहैया कराने वाली जेट एयरवेज की योजना मुंबई हवाई अड्डे पर दो और अन्य हवाई अड्डों पर एक-एक विमान रखने की है, जिसका इस्तेमाल उड़ान में देरी के वक्त किया जा सकेगा।
जेट के एक अधिकारी का कहना है, ‘हमने वैकल्पिक हवाईअड्डों के साथ भी व्यवस्था कर ली है, जहां देरी के मामले में उड़ानों को भेजा जा सकेगा। उदाहरण के लिए अगर दिल्ली से उड़ान के मार्ग में तब्दीली की जा रही हो तो वे जयपुर में उतर सके। मुंबई की उड़ानों को अहमदाबाद में उतारा जा सकता है।’