विमान कंपनियों को सहायता सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों ने संशोधित आपात ऋण सुविधा गांरटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत कर्ज जुटाने के लिए बैंकों के साथ चर्चा शुरू कर दी है।
रविवार को सरकार ने घोषणा की थी कि विपरीत परिस्थितियों का सामना करने वाली नागरिक विमानन क्षेत्र की कंपनियां इस योजना के तहत 200 करोड़ रुपये तक का ताजा ऋण उधार ले सकेंगी।
विमानन क्षेत्र के सूत्रों और बैंकरों का कहना है कि यह विस्तारित योजना नागरिक विमानन में उन सहायक इकाइयों की वित्तीय जरूरतों को पूरा कर सकती है, जिनकी वित्तीय आवश्यकताएं विमान कंपनियों की तुलना में कम हैं।
प्रमुख हवाई अड्डों पर विमान कंपनियों को ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएं प्रदान करने वाली सेलेबी एविएशन के भारत के मुख्य कार्याधिकारी मुरली रामचंद्रन ने कहा ‘चूंकि ईसीएलजीएस योजना नागरिक विमानन क्षेत्र के लिए उपलब्ध करवाई गई है, इसलिए हम वित्त पोषण के विकल्पों का आकलन कर रहे हैं और हमारी टीम संशोधित योजना को समझने के लिए बैंकों के साथ बातचीत कर रही है। शर्तों के संबंध में और अधिक स्पष्टता होने के बाद हम कोई फैसला कर पाएंगे। इस क्षेत्र को बैंक मोरेटोरियम का एक और दौर दिया जाना चाहिए।’
उन्होंने कहा कि हमारा कारोबार कोविड से पहले के 20 प्रतिशत स्तर पर है, लेकिन हमारी लागत में मामूली-सी ही कमी आई है। हमें हवाईअड्डा शुल्क, किराये या ब्याज भुगतान पर कोई राहत नहीं मिली है तथा हमें अब भी उनकी सेवा करनी है, जिनका राजस्व प्रवाह काफी हद तक खत्म हो गया है।
बर्ड समूह, जो ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएं भी प्रदान करता है, के प्रवक्ता ने कहा कि कारोबार एक चुनौती रहा है, क्योंकि यह कोविड से पहले की अपनी क्षमता के केवल 30 प्रतिशत स्तर पर ही परिचालन कर रहा है। उन्होंने कहा ‘हमने अपने ऋणों के पुनर्गठन का विकल्प नहीं चुना है और ईसीएलजीएस योजना पर विचार करेंगे।’
अप्रैल में क्रमिक आधार पर घरेलू हवाई यातायात में 27 प्रतिशत की गिरावट आई थी तथा मई में यह और अधिक संकुचित हो गया, क्योंकि राज्यों ने कोविड-19 प्रतिबंधों को कड़ा कर दिया था और लॉकडाउन लागू कर दिया गया था। रेटिंग एजेंसी इक्रा का अनुमान है कि मई में घरेलू यातायात में क्रमिक रूप से तकरीबन 65 से 67 प्रतिशत तक गिरकर 19 से 20 लाख रह गया।
क्रिसिल के मुख्य रेटिंग अधिकारी सुबोध राय ने कहा ‘मांग में सुधार होकर जनवरी-मार्च 2021 के स्तर तक पहुंचने में कम से कम दो तिमाहियों का समय लगेगा। कई स्थानीय लॉकडाउन के कारण नकदी पैदा करने की क्षमता की वास्तविक विवशता के बीच नागरिक विमानन को इस योजना में शामिल करने के इस कदम से अति आवश्यक तरलता सहायता उपलब्ध होगी।’
विमानों का रखरखाव और मरम्मत करने वाली कंपनी एयर वक्र्स के प्रबंध निदेशक डी आनंद भास्कर ने कहा कि छह साल की अवधि और दो साल के मोरेटोरियम के विस्तारित लाभों के साथ ईसीएलजीएस 3.0 में विमानन को लगातार शामिल रखने से बेशक हमारे समेत कई विमानन फर्मों को तरलता बनाए रखने और कोविड-19 की दूसरी लहर से उत्पन्न गंभीर विपरीत परिस्थितियों से उबरने में मदद मिलेगी।
एक निजी विमान कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी ने कहा ‘किसी विमान कंपनी के लिए 200 करोड़ रुपये की ऋण सुविधा का मतलब वास्तव में कुछ भी नहीं होता है।’ अधिकारी ने कहा कि सूचीबद्ध विमान कंपनियां – इंडिगो और स्पाइसजेट ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान 1,714 करोड़ रुपये और 635 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था। ऐसी चीजों की योजना में 200 करोड़ रुपये से कोई ठोस प्रभाव नहीं पड़ेगा।