तिलैया यूएमपीपी के आवंटन के बाद तेज हुई मगजमारी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 09, 2022 | 11:35 PM IST

तिलैया अल्ट्रा मेगा तापविद्युत परियोजना अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की झोली में जाने के बाद इसकी स्थापना और संचालन से जुड़े मुद्दों को लेकर मगजमारी तेज हो गई है।


गौरतलब है कि रिलायंस पावर को इसी हफ्ते 13 अल्ट्रा मेगा पावर परियोजनाओं में से तीसरी जो तिलैया (झारखंड) में स्थापित होनी है, आवंटित की गई है। इसके लिए रिलायंस पावर ने 1.77 रुपये प्रति यूनिट की बोली लगाई थी।

इस तरह, कंपनी ने तीन निकटतम बोलीदाताओं एनटीपीसी लिमिटेड, जिंदल स्टील ऐंड स्टील पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज को मात दी।

मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक मनीश सोंथालिया के मुताबिक, ‘इतने कम शुल्क पर बिजली उपलब्ध कराते हुए भी मुनाफा कमा पाना कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।’

सोंथालिया ने बताया कि कंपनी की अन्य चुनौतियों में तय समय पर परियोजना पूरी करना और लागत नियंत्रित रखना है। हालांकि अब तक जिन अल्ट्रा मेगा पावर परियोजनाओं का आवंटन रिलायंस के नाम हो चुका है, उनसे तुलना करें तो तिलैया की यह परियोजना सबसे सस्ती नहीं है।

सासन, मध्य प्रदेश में लगने वाली परियोजना के लिए बोली 1.19 रुपये प्रति यूनिट लगाई गई थी। कंपनी के अधिकारियों की मानें तो तिलैया में कोयले की खुदाई भी सासन की तुलना में आसान है। मंदी के चलते इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपकरण भी पहले से सस्ते में उपलब्ध हैं।

ऐसे में इस परियोजना से अच्छा-खासा मुनाफा कमा पाने को लेकर रिलायंस पावर पूरी तरह आश्वस्त है। एक अन्य विश्लेषक की राय में, ‘ऐसी किसी परियोजना का क्रियान्वयन हमेशा एक चुनौती होती है। खासकर तब जब कोई फर्म एक ही साथ कई परियोजनाओं के विकास में जुटी हो।

First Published : January 30, 2009 | 11:05 PM IST