अदाणी समूह मुंबई हवाई अड्डे और छह अन्य छोटे हवाई अड्डों के पोर्टफोलियो को हब ऐंड स्पोक मॉडल के तहत एकीकृत करने की योजना बना रहा है। दो दिन पहले कंपनी ने मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट में 75 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए जीवीके समूह के साथ सौदे पर हस्ताक्षर किए थे। इसके साथ ही नवी मुंबई में बनने वाले दूसरे हवाई अड्डे पर भी उसका स्वामित्व हो गया है।
अदाणी समूह के चेयरमैन एवं प्रवर्तक गौतम अदाणी ने एक बयान में कहा, ‘हमें लगता है कि हमारा हवाई अड्डा पोर्टफोलियो को हब ऐंड स्पोक मॉडल के तहत टियर-2 और टियर-3 शहरों को टियर-1 शहरों के साथ जोडऩे के लिए काफी महत्त्वपूर्ण होगा।’
जीवीके के साथ सौदे के जरिये अदाणी समूह ने देश के एक सबसे लाभप्रद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अपनी झोली में डाल लिया है। इसके अलावा उसे हमदाबाद, लखनऊ, मंगलूरु, जयपुर, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी हवाई अड्डों के लिए 50 वर्षों का परिचालन अधिकार प्राप्त है। ऐसे में अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड हवाई अड्डों की संख्या के लिहाज से देश की सबसे बड़ी हवाई अड्डा ऑपरेटर बन गई है।
लॉजिस्टिक, परिवहन, यूटिलिटीज और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के साथ ही अहमदाबाद की इस कारोबारी समूह ने आक्रामक बोली लगाकर उद्योग को अचंभित कर दिया था। मंगलूरु के लिए 115 रुपये प्रति यात्री और लखनऊ के लिए 171 रुपये प्रति यात्री की बोली के साथ अदाणी समूह ने जीएमआर ग्रुप और पीएनसी इन्फ्राटेक के मुकाबले 500 फीसदी अधिक बोली लगाई थी। इसी प्रकार उसने अहमदाबाद हवाई अड्डे के लिए 177 रुपये प्रति यात्री के लिए बोली लगाई थी जो ऑटोट्रेड इंडियन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड की 60 रुपये प्रति यात्री की बोली के मुकाबले करीब 200 फीसदी अधिक है।
अदाणी ने कहा, ‘छह हवाई अड्डों के हमारे मौजूदा पोर्टफोलियो में मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के जुडऩे से हमें एक परिवर्तनकारी प्लेटफॉर्म हासिल हुआ है जिससे हमारे आसपास के अन्य बी2बी कारोबार को आकार देने और उसके लिए रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।’
अदाणी ने कहा कि उन्हें देश में हवाई यात्रियों की संख्या में पांच गुना वृद्धि होने की उम्मीद है। ऐसे में भारत को टियर-1, टियर-2 एवं टियर-3 शहरों के 1 अरब से अधिक घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की व्यवस्था के लिए 200 अतिरिक्त हवाई अड्डों की जरूरत होगी। उन्होंने कहा, ‘उनमें से अधिकतर शहरों को मुंबई से जोड़ा जाएगा।’ उन्होंने कहा कि कंपनी महानगरों में संभावित दूसरे हवाई अड्डों के लिए भी बोली लगाएगी। देश में हवाई अड्डा सहित बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के लिए सरकार को निजी निवेश को बढ़ावा दे रही है।
अदाणी ने कहा, ‘इस अवधि के दौरान भारत के शीर्ष 30 शहरों में दूसरे हवाई अड्डे की जरूरत होने की उम्म्ीद है और अदाणी एयरपोट्र्स आवश्यक बुनियादी ढांचा प्लेटफॉर्म तैयार करने के लिए खुद से अच्छी स्थिति में देख रही है।’