दुनिया भर में छंटनी और वेतन में हो रही कटौती के कारण एपेरेल और एक्सेसरीज उद्योग की बिक्री में 30-35 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
गीतांजलि जेम्स के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मेहुल चौकसी ने बताया, ‘मंदी के कारण बिक्री पर असर तो पड़ा है। हमारी बिक्री में 30-35 फीसदी की कमी आई है।’
कुटोन्स रिटेल इंडिया लिमिटेड ने कहा, ‘मुझे यह बात स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं है कि मंदी का रिटेल क्षेत्र पर भी बाकी क्षेत्रों जितना ही असर पड़ा है। लेकिन हमारा कारोबारी मॉडल कुछ अलग है इसीलिए हमारे कारोबार पर इस मंदी का ज्यादा असर नहीं पड़ा है।’
विशाल रिटेल के समूह अध्यक्ष अम्बीक खेमका ने बताया, ‘बिक्री पर असर तो पड़ा है लेकिन कितना अभी तक यह पता नहीं किया है। आमतौर पर नवंबर और दिसंबर में बिक्री अच्छी खासी होती है, लेकिन इस बार इसमें कमी आई है। पिछले त्योहारी मौसम में बिक्री काफी अच्छी रही थी। इस बार कारोबार के लिहाज से त्योहारी मौसम भी अच्छे नहीं रहे।’
अर्स्ट ऐंड यंग के रिटेल और कंज्यूमर उत्पाद विश्लेषक पिनाकीरंजन मिश्रा ने बताया कि गैर-जरूरी उत्पाद होने के कारण एपेरेल और एक्सेसरीज कारोबार पर मंदी का असर कुछ ज्यादा ही पड़ा है।
बड़े शहरों में इन उत्पादों की बिक्री में गिरावट दर्ज की जा रही है, जबकि छोटे शहरों में इनकी बिक्री पर कोई असर नहीं पड़ा है। दरअसल, छोटे शहरों में रहने वाले लोगों पर शेयरों के गिरने का उतना असर नहीं पड़ता है।
पेंटालून रिटेल इंडिया के प्रवक्ता ने बताया, ‘छोटे शहरों में हमारा कारोबार काफी अच्छा चल रहा है।’ पेंटालून मंदी में भी अच्छा कारोबार कर रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि रेमंड्स जैसी पुरानी ब्रांड भी मंदी का सामना कर लेगी। लेकिन नई कंपनियों के लिए अपना कारोबार संभालना काफी मुश्किल होगा।
मैक्स रिटेल स्टोर्स के कार्यकारी निदेशक वसंत कुमार ने बताया, ‘हम किफायती उत्पाद मुहैया कराते हैं, इसीलिए हम पर मंदी का उतना असर नहीं पड़ेगा। मॉल में आने वाले लोगों की संख्या में 20 फीसदी गिरावट आई है जो चिंता की बात है।’
हाल ही में हुए आतंकी हमलों के कारण भी मॉल में आने वाले लोगों की संख्या में काफी कमी आई है। ब्रांड्स के साथ मिलकर मॉल मालिक भी ग्राहकों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।
कुमार ने बताया, ‘हम ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मॉल मालिकों के साथ मिलकर कई कार्यक्रम आयोजित करा रहे हैं। इसके अलावा हम ग्राहकों को निश्चित रकम का सामान खरीदने के साथ उपहार भी दे रहे हैं।’
कुछ कंपनियों ने तो नया तरीका ही ढूंढ निकाला है। यह कंपनियां ग्राहकों को लुभाने के लिए हर महीने नई मकर्डाइजी पेश कर रहे हैं। चौकसी ने कहा, ‘हम ग्राहकों को भारी छूट और एक के साथ एक फ्री जैसे ऑफर दे रहे हैं। कई उत्पाद तो हम बगैर किसी मुनाफे के ही बेच रहे हैं।’