तेल की कीमतों में गुरुवार को तेजी आई, जब ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि उन्होंने बंदर अब्बास शहर में अमेरिकी हमले के जवाब में एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है। ब्रेंट क्रूड वायदा 1.75 डॉलर यानी 1.86 फीसदी बढ़कर 96.04 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया जबकि ज्यादा सक्रिय अगस्त का अनुबंध 1.81 डॉलर यानी 2 फीसदी बढ़कर 94.06 डॉलर पर पहुंच गया। जुलाई का अनुबंध शुक्रवार को एक्सपायर होने वाला है।
यूएस वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट फ्यूचर्स 2.08 डॉलर यानी 2.35 फीसदी बढ़कर 90.76 डॉलर पर पहुंच गए। पिछले सत्र में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए एक समझौते की संभावना के चलते दोनों बेंचमार्क करीब 5 फीसदी गिरकर एक महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे।
हालांकि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प द्वारा उस रिपोर्ट को खारिज किए जाने के कुछ घंटों बाद ही (जिसमें कहा गया था कि वे ईरान के साथ किसी समझौते के करीब हैं) ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कहा कि उसने एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है। यह कार्रवाई तब की गई, जब अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास एक ईरानी ड्रोन ऑपरेशन पर हमले किए थे, जैसा कि अमेरिका के एक अधिकारी ने बताया था।
पीवीएम ऑयल एसोसिएट्स के विश्लेषक जॉन इवांस ने कहा, ऐसा लगता है कि हवाई हमलों का आदान-प्रदान बातचीत की भाषा का ही एक हिस्सा है। जब तक यह उम्मीद बनी हुई है कि कोई समझौता हो जाएगा, तब तक कीमतें ऊपर-नीचे होती रहेंगी।
ऐसा तब तक चलेगा जब तक कि वैश्विक तेल भंडार में कमी का असर आखिरकार महसूस नहीं होने लगता और यह हमें एक बार फिर याद नहीं दिला देता कि एक अरब बैरल से भी ज्यादा तेल होर्मुज स्ट्रेट की रुकावट के पीछे फंसा हुआ है।
एलएसईजी और केप्लर के शिपिंग आंकड़ों के अनुसार, इस हप्ते की शुरुआत में दो सुपरटैंकर और एक एलपीजी टैंकर अपने ट्रांसपोंडर बंद करके होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकले और अब भारत और चीन की ओर बढ़ रहे हैं।