लेखक : आतिरा वारियर

आज का अखबार, कंपनियां, बीमा

सरकारी बीमा कंपनियों के लिए नया परफॉर्मेंस इंडिकेटर तय, दावा निपटान अनुपात पर अब ज्यादा फोकस

सरकार ने वित्त वर्ष 2027 के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों के लिए उद्यम-स्तरीय प्रमुख प्रदर्शन संकेतक तैयार किया है। इसमें पांच वर्षों में 85 प्रतिशत के दावा निपटान अनुपात (आईसीआर) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी तुलना उद्योग के 82.9 प्रतिशत के आईसीआर से की जाती है जबकि चार सार्वजनिक क्षेत्र […]

आज का अखबार, बीमा, वित्त-बीमा

बैंकएश्योरेंस पर निर्भरता घटाने को एजेंसी नेटवर्क मजबूत कर रहीं निजी जीवन बीमा कंपनियां

निजी जीवन बीमा कंपनियां वितरण में विविधता लाने के लिए अपने एजेंसी नेटवर्क में निवेश बढ़ा रही हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वे बैंकएश्योरेंस पर निर्भरता कम करना चाहती हैं और ग्राहकों तक अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती हैं। एजेंसी चैनल पर नया ध्यान बैंकएश्योरेंस के माध्यम से गलत बिक्री को लेकर बढ़ती चिंताओं और बैंक-प्रेरित बीमा […]

बाजार, बीमा, वित्त-बीमा, शेयर बाजार

NSE IPO: सरकारी बीमा कंपनियों की चांदी, 32 पैसे में खरीदे शेयर अब देंगे हजारों करोड़; पर सॉल्वेंसी संकट बरकरार

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के 30,000 करोड़ रुपये के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा शेयरों की प्रस्तावित बिक्री से उन्हें काफी फायदा होगा और उनकी बैलेंस शीट को एक बार के लिए मजबूती मिलेगी। हालांकि, इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि इससे मिलने वाली रकम से आर्थिक […]

आज का अखबार, वित्त-बीमा

मिडिल ईस्ट में जंग का साया, फिर भी भारत में डॉलर की बरसात! विदेशों से रिकॉर्ड पैसा भेज रहे प्रवासी

पश्चिम एशिया संकट के बावजूद विदेश में रह भारतीय देश में जमकर धन भेज रहे हैं। खाड़ी क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बाधित होने के बावजूद  एहतियाती तौर पर धन भेजे जाने के कारण आवक मजबूत बनी रही। बैंकरों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने पर वृद्धि की रफ्तार नरम पड़ सकती है लेकिन […]

अंतरराष्ट्रीय, आज का अखबार, कंपनियां, समाचार

अमेरिका-ईरान समझौते से घट सकती है शिपिंग बीमा की लागत, उद्योग को राहत की उम्मीद

बीमा बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते के कारण होर्मुज स्ट्रेट स्थायी तौर पर खुलता है और क्षेत्रीय तनाव कम होता है तो समुद्री युद्ध-जोखिम बीमा प्रीमियम में नरमी आ सकती है। हालांकि भारत में समुद्री बीमा पूल (बीएमआईपी) के शुरू होने के बाद समुद्री युद्ध-जोखिम […]

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पश्चिम एशिया तनाव के बीच बढ़ी टर्म इंश्योरेंस की मांग, प्रवासी भारतीय भारत में सुरक्षा कवर को दे रहे प्राथमिकता

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के मद्देनजर खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासी भारतीयों के बीच भारत में टर्म जीवन बीमा पॉलिसियों की मांग बढ़ रही है। क्षेत्रीय अनिश्चितता की चिंता और भारतीय बीमा उत्पादों के किफायती होने से इसकी मांग बढ़ी है। बजाज लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य ऑपरेशंस और कस्टमर एक्सपीरियंस अ​धिकारी राजेश कृष्णन […]

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माइक्रोफाइनैंस सेक्टर में सुधार के संकेत, सात तिमाहियों बाद लोन पोर्टफोलियो में बढ़ोतरी

भारत का माइक्रोफाइनैंस क्षेत्र लंबे समय से चली आ रही सुस्ती से उबरता दिख रहा है। माइक्रोफाइनैंस इंस्टीट्यूट नेटवर्क (एमएफआईए) की जारी नवीनतम तिमाही रिपोर्ट के अनुसार इसका ऋण पोर्टफोलियो सात तिमाहियों में पहली बार बढ़ा है और संपत्ति गुणवत्ता मार्च 2024 से पहले के स्तर पर वापस आ गई है। उद्योग का सकल ऋण […]

आज का अखबार, बीमा

फसल बीमा में मुनाफे की बारिश! अब पुनर्बीमा कंपनियों से 8% तक कमीशन मांग रहीं बीमा कंपनियां

पुनर्बीमा कंपनियों के बीच होड़ बढ़ने और पिछले कुछ वर्षों में दावे कम रहने के कारण फसल बीमा कारोबार में अच्छा मुनाफा हुआ है। ऐसे में बीमा कंपनियां फसल बीमा के नवीनीकरण में पुनर्बीमा कंपनियों से मोटा कमीशन मांग रही हैं। उद्योग अधिकारियों ने बताया कि बीमा कंपनियां इस बार प्रीमियम का 5 से 8 […]

आज का अखबार, कंपनियां, समाचार

बीमा उद्योग की रफ्तार पर ब्रेक! ग्रोथ सबसे धीमी

जीवन बीमा कंपनियों के नए बिजनेस प्रीमियम (एनबीपी) में सालाना आधार पर 5.15 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह पिछले साल अगस्त के बाद से सबसे धीमी वृद्धि थी। इसकी वजह सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों की बीमा कंपनियों की सुस्त वृद्धि और समूह बीमा में कमजोर वृद्धि थी। लाइफ इंश्योरेंस इंडस्ट्री ने सितंबर 2025 से […]

आज का अखबार, बैंक

RBI का बड़ा प्रस्ताव: अब एक ही जमा श्रेणी पर ग्राहकों को अलग-अलग ब्याज दे पाएंगे बैंक

बैंकों में थोक जमा (बल्क डिपॉजिट) पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का मसौदा ढांचा जमा पर जोखिम आधारित ब्याज दरों की शुरुआत कर सकता है। इस मसौदा ढांचे के तहत बैंकों को तरलता कवरेज अनुपात (एलसीआर) मानदंडों के तहत आने वाली लागत के आधार पर एक ही जमा श्रेणी के ग्राहकों के लिए अलग-अलग ब्याज […]