लेखक : आतिरा वारियर

आज का अखबार, वित्त-बीमा

जून में लगातार दूसरे महीने क्रेडिट कार्ड खर्च ₹2 लाख करोड़ पार, HDFC Bank और SBI का दिखा दबदबा

क्रेडिट कार्ड खर्च ने जून में लगातार दूसरे महीने 2 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। इसमें मुख्य योगदान एचडीएफसी बैंक और एसबीआई कार्ड का रहा जबकि कुछ बड़े निजी बैंकों के खर्च में मई की तुलना में गिरावट देखी गई। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक के नवीनतम आंकड़ों से मिली है। […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

विदेश भेजे गए पैसे में बढ़ोतरी, लेकिन पढ़ाई और घूमने पर खर्च घटा! RBI रिपोर्ट ने दिखाया नया ट्रेंड

भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार विदेश में निवेश बढ़ने के कारण उदारीकृत धनप्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत मई में विदेश भेजा गया धन सालाना आधार पर 3.6 प्रतिशत बढ़कर 2.39 अरब डॉलर हो गया है। आंकड़ों से पता चलता है कि इस माह में रेमिटेंस से जुड़ी जमा राशि मई 2025 की तुलना […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

विदेशों से आने वाला पैसा क्यों हुआ कम? NRI Deposits में 29.25% की गिरावट, RBI रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

वित्त वर्ष 2027 की अप्रैल-मई अवधि में विदेशों में रहने वाले भारतीयों से प्रवासी भारतीय (एनआरआई) जमा योजना में आने वाली राशि 29.25 प्रतिशत घटकर 1.33 अरब डॉलर रह गई। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार प्रवासी जमा राशि वित्त वर्ष 2026 की इसी अवधि में 1.88 अरब डॉलर थी। मई 2026 के अंत […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, भारत

RBI की रियायती स्वैप योजना से आया 20.72 अरब डॉलर का निवेश, जून में विदेशी निवेश आधा हुआ

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को कहा कि विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए पेश की गई रियायती स्वैप योजनाओं से 17 जुलाई तक 20.72 अरब डॉलर आए हैं, जिनमें एफसीएनआर-बी योजना से 17.4 अरब डॉलर आए हैं। यह योजना 8 जून, 2026 से चल रही है। ओवरसीज फॉरेन करेंसी बॉरोइंग (ओएफसीबी) के माध्यम […]

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

ICICI, Axis, PNB समेत कई बैंकों की ट्रेजरी इनकम घटी, क्या अब मुनाफे पर पड़ेगा असर?

बॉन्ड यील्ड में जून के दौरान नरमी रहने के बावजूद चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंकों के खजाने में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। बैंकरों का कहना है कि उच्च आधार के असर के कारण ट्रेजरी आय में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई है, क्योंकि ऋणदाताओं ने वित्त वर्ष 2026 […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, बीमा, वित्त-बीमा

धोखाधड़ी पर लगाम और फटाफट क्लेम: AI और मशीन लर्निंग इंश्योरेंस सेक्टर में क्या बदलाव ला रही है?

बीमा कंपनियां प्रक्रियाओं को स्वचालित करने, अंडरराइटिंग और दावों के प्रबंधन को मजबूत करने, ग्राहक जुड़ाव में सुधार करने और धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए बीमा मूल्य श्रृंखला में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग को बढ़ा रही हैं।  कंपनियों की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक परिचालन दक्षता में सुधार, उत्पादकता बढ़ाने और काम पूरा करने […]

आज का अखबार, कंपनियां, वित्त-बीमा, समाचार, समाचार

भारतीय कंपनियां मई में ECB के जरिए 4.74 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी, IRFC सबसे आगे

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) सहित भारतीय कंपनियों ने मई 2026 में बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) और विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड (एफसीसीबी) के माध्यम से 4.74 अरब डॉलर जुटाने की योजना बनाई है। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को प्रस्ताव भेजा गया है। यह मार्च के 3.76 अरब डॉलर से अधिक है। यह प्रस्ताव मई […]

आज का अखबार, वित्त-बीमा

बीमा कंपनियों ने क्यों घटाया विज्ञापन खर्च? 20% की गिरावट के पीछे है ये बड़ा कारण

वित्त वर्ष 2025-26 में जीवन बीमा कंपनियों के विज्ञापन और प्रचार व्यय में वित्त वर्ष 2025 की तुलना में गिरावट आई है। इसकी प्रमुख वजह निजी जीवन बीमा कंपनियों के विज्ञापन व्यय में कमी आना है। विशेषज्ञों के अनुसार व्यक्तिगत सावधि बीमा पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में राहत दिए जाने के बाद प्रचार […]

आज का अखबार, कंपनियां

HDFC ERGO का बड़ा प्लान! मार्केट शेयर नहीं, मुनाफे वाली ग्रोथ पर दांव; हेल्थ और मोटर इंश्योरेंस पर रहेगा फोकस

एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस के नए प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी पार्थनील घोष ने कंपनी की भविष्य की रणनीति को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। आतिरा वारियर के साथ बातचीत में घोष ने बताया कि कंपनी रिटेल हेल्थ, मोटर और गृह बीमा जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी, साथ ही आर्टिफिशल इंटेलिजेंस […]

आज का अखबार, कंपनियां, ताजा खबरें, बीमा, वित्त-बीमा, समाचार

Insurance Industry में तेजी लौट आई, मई के मुकाबले जून में बड़ा उछाल

जीवन बीमा कंपनियों का न्यू बिजनेस प्रीमियम (एनबीपी) जून में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 13.07 प्रतिशत बढ़कर 46,490.53 करोड़ रुपये हो गया। यह वृद्धि निजी बीमा कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन के कारण हुई और सार्वजनिक क्षेत्र की भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की धीमी वृद्धि की भरपाई हो सकी। मई में […]