मार्जिन ट्रेडिंग सुविधा (एफटीएफ) बुक यानी ब्रोकरों की फंडिंग 15 सितंबर तक रिकॉर्ड 1.49 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। इसमें मासिक आधार पर लगभग 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो निवेशकों के लीवरेज बेट्स (उधार लेकर दांव लगाने) की मजबूत मांग का संकेत है। पिछले साल सितंबर में यह आंकड़ा करीब 99,000 करोड़ रुपये था।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार मार्जिन बुक में बढ़ोतरी ऐसे समय में ब्रोकरेज फर्मों को सहारा दे रही है जब कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम जून तिमाही के उच्चतम स्तर से नीचे बना हुआ है।
एमटीएफ के तहत निवेशकों को ट्रेड वैल्यू का केवल एक हिस्सा पहले चुकाने की सुविधा दी जाती है जबकि बाकी रकम ब्रोकर ब्याज दर पर फाइनैंस करते हैं। फरवरी और मार्च में थोड़ी गिरावट के बाद एमटीएफ में लगातार छठे महीने इजाफा हुआ है। 10 महीने तक बढ़ने के बाद फरवरी में पहली बार ब्रोकर फंडिंग में गिरावट देखी गई थी। यह गिरावट मार्च में भी जारी रही और सावधानी व उतार-चढ़ाव के माहौल में एमटीएफ घटकर 1.05 लाख करोड़ रुपये पर आ गई।
ब्रोकरेज ने कहा कि ऐंजल वन और ग्रो दोनों में एमटीएफ की मजबूत वृद्धि से एक फायदेमंद समायोजन मिलता है, क्योंकि वित्त वर्ष 2027 के पूरे साल के अनुमान को पूरा करने के लिए ट्रेडिंग वॉल्यूम में लगातार सुधार जरूरी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर तिमाही में ऐंजल वन की औसत एमटीएफ बुक में फंडिंग लगभग 6,600 करोड़ रुपये थी, जो इससे एक तिमाही पहले के मुकाबले लगभग 20 प्रतिशत अधिक है और वित्त वर्ष 2027 के लिए कोटक के पूरे साल के अनुमान के करीब है।
इसी तरह, ग्रो की एमटीएफ बुक भी तिमाही आधार पर लगभग 23 प्रतिशत बढ़कर करीब 4,130 करोड़ रुपये हो गई है, जबकि पूरे साल का अनुमान 5,000 करोड़ रुपये था।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘हमारा अनुमान है कि साल के बाकी समय में ऑर्डर वृद्धि के लिए ग्रो की दर ऐंजल के समान ही है। यह इस साल अब तक के ऑर्डरों में लगभग 15-20 प्रतिशत वृद्धि है।’ यह स्थिति तब है जब क्लोजिंग ऑक्शन सेशन लागू होने के बाद से खुदरा कारोबारी गतिविधियों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
कोटक ने बताया कि इंडेक्स अनुबंधों के लिए ऑप्शन प्रीमियम, जो जून तिमाही में कम थे और अगस्त में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे, में सितंबर में सुधार के संकेत दिखे हैं। हालांकि कुल वॉल्यूम अभी भी साल की शुरुआत के स्तर से नीचे ही है। जीरोधा के 16 साल पूरे होने पर लिखे अपने ब्लॉग में ब्रोकरेज हाउस ने बताया था कि एमटीएफ से अब लगभग 10 प्रतिशत राजस्व आता है, क्योंकि ब्रोकरों को इस पर ब्याज से कमाई होती है। ब्रोकर ने दिसंबर 2024 में एमटीएफ बिजनेस शुरू किया था।
