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मोबाइल यूजर्स हो जाएं तैयार! Airtel बोला- Unlimited Data सस्ता नहीं रहेगा, ज्यादा इस्तेमाल पर बढ़ सकता है बिल

Airtel ने संकेत दिया है कि भविष्य में ज्यादा डेटा इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों से अधिक शुल्क लिया जा सकता है और टैरिफ मॉडल में बड़ा बदलाव हो सकता है।

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गुलवीन औलख   
Last Updated- August 06, 2026 | 8:07 AM IST

भारती एयरटेल के कार्यकारी उपाध्यक्ष गोपाल विट्टल ने भारतीय बाजार में टैरिफ की मूल्य संरचना में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि लंबी अवधि में कंपनियों के वित्तीय रूप से टिकाऊ रहने के लिए केवल टैरिफ बढ़ाने के बजाय अधिक डेटा उपयोग करने वाले ग्राहकों से ज्यादा शुल्क लेना महत्त्वपूर्ण है।

विट्टल ने कहा, ‘सबसे महत्त्वपूर्ण बात है संरचना को सुधारना। बहुत कम कीमत पर असीमित डेटा मिलने से प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) सीमित हो जाता है। यह परिचालन का बढ़िया तरीका नहीं है, क्योंकि कोई भी बाजार छोटा, मध्य, बड़ा और बहुत बड़ा हो, और यदि आप अधिक तर्कसंगत मूल्य संरचना के साथ काम करते हैं, तो मेरा मानना है कि अगले 5 से 7 वर्षों में जैस-जैसे भारत समृद्ध होगा, एआरपीयू में निरंतर वृद्धि देखने को मिलेगी। यह अच्छी दिशा होगी, और प्रवेश स्तर की कीमतों को छूने की कोई आवश्यकता नहीं है।’

उन्होंने तिमाही आय घोषणा की अर्निंग कॉल के दौरान बुधवार को कहा, ‘उद्योग के रूप में हमें मूल्य संरचना के बारे में जिस तरह से सोचने की आवश्यकता है, उसमें अगले कुछ वर्षों में मौलिक बदलाव की जरूरत है।’ हालांकि, अगर मूल्य निर्धारण प्रणाली में बदलाव नहीं होता है और अधिक डेटा उपयोग करने वाले उपयोगकर्ताओं को अधिक भुगतान नहीं करना पड़ता है, तो दूरसंचार कंपनियां वित्तीय मजबूती की खातिर जरूरी एआरपीयू स्तर को बनाए रखने के लिए टैरिफ बढ़ा सकती हैं। एआरपीयू दूरसंचार कंपनियों की लाभप्रदता का प्रमुख मापदंड है। विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच 5जी नेटवर्क के निर्माण में निवेश बरकरार रखने के लिए दूरसंचार कंपनियों को इसी वर्ष 10-15 प्रतिशत तक की एक और टैरिफ वृद्धि करनी होगी। वर्ष 2019 से अब तक टेलीकॉम कंपनियां तीन बार टैरिफ बढ़ा चुकी हैं। हालांकि, एयरटेल के एमडी और सीईओ शाश्वत शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि मूल्य निर्धारण प्रणाली में बदलाव सभी कंपनियों के लिए आवश्यक है।

उन्होंने कहा, ‘उद्योग की दीर्घकालिक मूल्य निर्धारण प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है और उद्योग को डेटा खपत के लिए शुल्क लेना चाहिए। यह दीर्घकालिक एआरपीयू वृद्धि के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।’ आगामी वर्ष में लगभग 4 अरब डॉलर के पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) के उपयोग से संबंधित प्रश्न के उत्तर में विट्टल ने कहा कि नेक्सट्रा के तहत डेटा सेंटर बनाने के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाया जाएगा और कंपनी कार्लाइल समूह और अल्फा वेव ग्लोबल से इक्विटी के रूप में जुटाए गए 1 अरब डॉलर के अलावा ऋण भी ले सकती है।

उन्होंने कहा, ‘हमारा मानना है कि हमारी कंपनी के विशाल आकार और क्षमता को देखते हुए यहां हमारी बाजार हिस्सेदारी लगभग 12 प्रतिशत है, जो स्पष्ट रूप से कम है। हम अगले कुछ वर्षों में 1 गीगावॉट क्षमता के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें से कई अनुबंध कर लिए गए हैं।’ उन्होंने क्लाउड से मिल रही अतिरिक्त बढ़त का भी उल्लेख किया। विट्टल ने आगामी कुछ वर्षों में अफ्रीकी बाजार के विकास अवसरों का जिक्र किया और कहा कि तिमाही में एयरटेल की अफ्रीका इकाई में हिस्सेदारी बढ़ाकर 79 प्रतिशत करने के बाद समूह भारत और अफ्रीका के व्यवसायों के बीच तालमेल को बढ़ावा देगा। एयरटेल अफ्रीका का मोबाइल मनी कारोबार भी 2026 के अंत से पहले लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग की योजना बना रहा है।

विट्टल ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि अफ्रीका अपनी क्षमता से अधिक अच्छा प्रदर्शन करेगा। समग्र पोर्टफोलियो में अफ्रीका का योगदान लगातार बढ़ता रहेगा… अफ्रीका में निवेश में लगातार वृद्धि होगी।’ पोस्टपेड के लिए 5जी स्लाइसिंग तकनीक पर आधारित फास्टलेन के बारे में विट्टल ने कहा कि पोस्टपेड में वृद्धि की काफी गुंजाइश है क्योंकि कई प्रीपेड ग्राहक, जिनका खर्च अधिक है, पोस्टपेड प्लान के लिए अधिक उपयुक्त होंगे।

First Published : August 6, 2026 | 8:07 AM IST