प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो: Maruti Suzuki
मारुति सुजूकी इंडिया ने छोटी कार वाले ऐसे ग्राहकों के लिए आवर्ती जमा (आरडी) पर आधारित ऑटो लोन (वाहन ऋण) योजना शुरू पेश की है, जिन्हें डाउन पेमेंट की व्यवस्था करने में मशक्कत करनी पड़ती है। यह योजना उन्हें अपनी बचत तैयार करने की सुविधा के साथ-साथ बैंक को ऋण वितरित करने से पहले उनके भुगतान की नियमितता की बेहतर जानकारी प्रदान करती है।
बिज़नेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत में मारुति सुजूकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन और बिक्री) पार्थ बनर्जी ने बताया कि ‘उद्योग की प्रथम आरडी समर्थित यह ऑटो लोन योजना पिछले महीने एयू स्मॉल फाइनैंस बैंक के सहयोग से छोटी कार वाले चार मॉडलों – ऑल्टो के10, एस-प्रेसो, सेलेरियो और वैगन आर के ग्राहकों के लिए शुरू की गई थी।
‘सुहाना सफर’ नामक इस योजना का लक्ष्य ऐसे ग्राहक थे, जो कार खरीदने के इच्छुक तो थे लेकिन डाउन पेमेंट की व्यवस्था करने या भविष्य की ईएमआई देनदारियों को प्रबंधित करने की चिंताओं के कारण हिचकिचा रहे थे।
हस योजना के तहत ग्राहकों ने पहले एयू स्मॉल फाइनैंस बैंक में एक आरडी खाता खोला और तीन से छह महीने तक हर महीने एक निश्चित राशि जमा की। यह मासिक जमा राशि कार लोन की अपेक्षित ईएमआई के लगभग 80 प्रतिशत पर निर्धारित की गई थी। उदाहरण के लिए अगर किसी कार पर अनुमानित ईएमआई 10,000 रुपये प्रति माह है, तो ग्राहक बचत अवधि के दौरान हर महीने आरडी खाते में लगभग 8,000 रुपये जमा करेगा।
आरडी में जमा हुई राशि (अर्जित ब्याज के साथ) लोन चुकाने के लिए उपयोग नहीं की गई। इसके बजाय यह ग्राहक द्वारा वाहन खरीदने का निर्णय लेने पर डाउन पेमेंट के रूप में इस्तेमाल हुई। आरडी के परिपक्व होने के बाद ग्राहक उसी बैंक से नियमित कार लोन ले सकता था और सामान्य तरीके से ईएमआई का भुगतान शुरू कर सकता था। बनर्जी ने कहा, ‘यह योजना ज्वैलरी उद्योग के इसी तरह के कार्यक्रमों से आई है।’ ये ग्राहक कार खरीदना तय करने से पहले यह समझ पाते हैं कि भविष्य का कार लोन उनके घरेलू बजट में आराम से फिट बैठता है या नहीं।
उन्होंने बताया कि आरडी के परिपक्व होने के बाद ग्राहकों को खरीदारी पूरी करने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते मारुति सुजूकी के डीलर वाहन खरीदे जाने पर अंतिम महीने की आरडी किश्त का भुगतान करेंगे।
इस व्यवस्था से ऋणदाताओं को भी लाभ हुआ। कई महीनों तक नियमित आरडी जमा करने की ग्राहक की क्षमता देखकर बैंक को लोन देने से पहले भुगतान का ढंग और लोन पात्रता का मूल्यांकन करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता था। बनर्जी ने कहा कि इसलिए इस योजना ने ग्राहक और फाइनैंसर दोनों के लिए फायदे की स्थिति तैयार कर दी। उन्होंने बताया कि मारुति सुजूकी ने पिछले महीने यह योजना शुरू की थी और अब तक उन्हें लगभग 8,000 पूछताछ मिल चुकी हैं और इससे 1,700 से ज्याद बुकिंग हो चुकी है।