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T20 World Cup 2026: अहमदाबाद में भारत ने रचा इतिहास, न्यूजीलैंड को रौंदकर लगातार दूसरी बार चैंपियन

भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर अपना खिताब डिफेंड किया और अपनी मेजबानी में ट्रॉफी जीतने वाला पहला देश बना

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- March 08, 2026 | 11:05 PM IST

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को भारतीय क्रिकेट ने एक ऐसा सुनहरा अध्याय लिखा, जिसे युगों-युगों तक याद रखा जाएगा। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को फाइनल के एकतरफा मुकाबले में 96 रनों से शिकस्त देकर आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारत ने दो ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जो आज तक कोई और देश नहीं कर पाया।

भारत अब दुनिया की पहली ऐसी टीम बन गई है जिसने टी20 वर्ल्ड कप का अपना खिताब सफलतापूर्वक डिफेंड किया है (लगातार दो बार जीत)। इसके साथ ही, भारत टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में अपनी ही मेजबानी में ट्रॉफी उठाने वाला पहला देश भी बन गया है। इससे पहले 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने अमेरिका और वेस्टइंडीज की धरती पर विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल किया था।

संजू और अभिषेक का अहमदाबाद में ‘धमाका’

मैच की शुरुआत में टॉस हारने या जीतने से ज्यादा चर्चा भारत की बल्लेबाजी की रही। पहले बैटिंग करते हुए टीम इंडिया ने निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 255 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है।

भारत की इस तूफानी शुरुआत के हीरो रहे संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा। संजू सैमसन ने आलोचकों को करारा जवाब देते हुए महज 46 गेंदों में 89 रनों की आतिशी पारी खेली। उनकी इस पारी में 5 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। संजू ने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और न्यूजीलैंड के दिग्गज गेंदबाजों की लय बिगाड़ दी। वहीं, युवा सनसनी अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 21 गेंदों में 52 रन कूटकर कीवी टीम को बैकफुट पर धकेल दिया।

पावरप्ले में ही तय हो गई थी जीत की इबारत

भारतीय ओपनर्स ने मैच के पहले 6 ओवरों यानी पावरप्ले में ही तबाही मचा दी थी। अभिषेक और संजू के बीच पहले विकेट के लिए सिर्फ 43 गेंदों में 98 रनों की साझेदारी हुई। भारत ने पावरप्ले के खत्म होने तक स्कोरबोर्ड पर 92 रन टांग दिए थे। अभिषेक ने विशेष रूप से जैकब डफी को अपना निशाना बनाया और सीधे छक्कों की बरसात कर दी। हालांकि, अभिषेक को रचिन रवींद्र ने आउट किया, लेकिन तब तक भारत एक विशाल स्कोर की नींव रख चुका था।

ईशान किशन ने बरकरार रखा रनों का सैलाब

अभिषेक के जाने के बाद मैदान पर आए ईशान किशन ने भी कीवी गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। ईशान ने 25 गेंदों में 54 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 4 छक्के शामिल थे। उन्होंने संजू सैमसन के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 105 रनों की पार्टनरशिप की। इन दोनों की बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 15वें ओवर में ही 200 का आंकड़ा पार कर लिया था।

न्यूजीलैंड के लिए जिमी नीशम ने 16वें ओवर में वापसी की कोशिश की। उन्होंने संजू सैमसन, ईशान किशन और कप्तान सूर्यकुमार यादव को एक ही ओवर में पवेलियन भेजकर भारतीय पारी पर थोड़ा ब्रेक लगाया, लेकिन तब तक स्कोर इतना बड़ा हो चुका था कि न्यूजीलैंड के लिए वापसी नामुमकिन थी।

न्यूजीलैंड की रणनीति पड़ी भारी

कीवी कप्तान मिचेल मिचेल सैंटनर का टॉस के बाद लिया गया फैसला और टीम चयन उनके खिलाफ गया। टर्निंग विकेट की उम्मीद के बावजूद उन्होंने ऑफ स्पिनर कोल मैककोन्ची को बाहर बैठाकर तेज गेंदबाज जैकब डफी को खिलाया। डफी भारतीय बल्लेबाजों के लिए आसान शिकार साबित हुए। ग्लेन फिलिप्स और रचिन रवींद्र ने बीच के ओवरों में रन रोकने की कोशिश जरूर की, लेकिन संजू सैमसन के क्लास के सामने उनकी एक न चली। संजू ने लॉकी फर्ग्यूसन और मैट हेनरी जैसे अनुभवी तेज गेंदबाजों को भी साधारण साबित कर दिया।

घरेलू मैदान पर खत्म हुआ खिताबी सूखा

भारत के लिए यह जीत भावनाओं से भरी है। 2016 में जब भारत ने इस टूर्नामेंट की मेजबानी की थी, तब टीम इंडिया सेमीफाइनल की बाधा पार नहीं कर पाई थी और कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज ने खिताब जीता था। 10 साल बाद, भारत ने न केवल उस मलाल को खत्म किया, बल्कि दुनिया को दिखा दिया कि उन्हें अपनी धरती पर हराना नामुमकिन है। 96 रनों की यह बड़ी जीत यह बताने के लिए काफी है कि टी20 क्रिकेट के इस नए दौर में टीम इंडिया का दबदबा पूरी तरह कायम है।

First Published : March 8, 2026 | 11:01 PM IST