प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
आज के दौर में पैन कार्ड सिर्फ एक प्लास्टिक का कार्ड या टैक्स भरने का जरिया मात्र नहीं रह गया है। यह आपकी आर्थिक पहचान का सबसे बड़ा आधार बन चुका है। अगर आप मोटी रकम का लेन-देन कर रहे हैं और आपके पास पैन कार्ड नहीं है या आप उसे देने में कतरा रहे हैं, तो रुक जाइए। अब आयकर विभाग के नियम काफी सख्त हो गए हैं। ‘इनकम टैक्स रूल्स’ के नियम 114B के तहत, कई ऐसे काम हैं जहां पैन कार्ड देना सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि कानूनी जरूरीता है।
इन नियमों का सीधा मकसद देश में होने वाले बड़े लेन-देन में पारदर्शिता लाना और टैक्स चोरी पर लगाम लगाना है। आइए जानते हैं कि वे कौन सी जगहें हैं, जहां बिना पैन कार्ड के आपका काम अटक सकता है।
किसी भी वित्तीय सफर की शुरुआत बैंक से होती है। अगर आप नया बैंक खाता खुलवाने जा रहे हैं (जनधन जैसे बेसिक अकाउंट को छोड़कर), तो पैन कार्ड सबसे जरूरी दस्तावेज है। इसके अलावा:
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सरकार का पूरा जोर कैश ट्रांजैक्शन को कम करने पर है। अगर आप नकद में खर्च करना पसंद करते हैं, तो इन सीमाओं को याद रखें:
अपनी बचत को निवेश में बदलते समय भी आयकर विभाग की नजर आप पर रहती है। निम्नलिखित निवेशों पर पैन कार्ड जरूरी है:
जब बात बड़े एसेट्स की आती है, तो नियम और भी कड़े हो जाते हैं:
अगर किसी के पास PAN कार्ड नहीं है, तो नियमों में थोड़ी राहत जरूर दी गई है, लेकिन इसे लंबे समय का समाधान नहीं माना जाता। ऐसे लोग Form 60 भरकर बता सकते हैं कि उनके पास PAN नहीं है। वहीं, अगर बात नाबालिग (Minors) की हो, तो वे अपने माता-पिता या अभिभावक का PAN इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन शर्त यह है कि उस बच्चे की अपनी कोई टैक्स के दायरे वाली कमाई नहीं होनी चाहिए।
इन नियमों का पालन न करना आपको आयकर विभाग के रडार पर ला सकता है। कई बार लोग पैन की जरूरीता से बचने के लिए ट्रांजैक्शन को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़ देते हैं। विभाग की आधुनिक तकनीक ऐसे पैटर्न को तुरंत पकड़ लेती है और इसे संदिग्ध मानकर नोटिस जारी किया जा सकता है।