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ITR-U Deadline: आज आखिरी मौका! पुरानी टैक्स की गलती सुधारें, वरना 200% पेनल्टी का है खतरा

फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के लिए 31 मार्च यानि आज ITR-U भरने की आखिरी तारीख है। पुराने रिटर्न में सुधार करने और पेनल्टी से बचने का यह अंतिम मौका है

Published by
ऋषभ राज   
Last Updated- March 31, 2026 | 3:31 PM IST

आज 31 मार्च है, और यह टैक्सपेयर्स के लिए यह एक अहम डेडलाइन बनकर सामने खड़ी है। फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के लिए ITR-U दाखिल करने का आज आखिरी मौका है, जिसके बाद पुरानी गलतियों को सुधारने या छूटी हुई आय को दिखाने का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। जिन लोगों से रिटर्न भरते समय कोई चूक हुई है, उनके पास अब खुद से सुधार करने का अवसर है। हालांकि, इसमें अतिरिक्त टैक्स देना होगा, लेकिन यह भविष्य की बड़ी परेशानी और भारी पेनल्टी से बचने का आसान और सुरक्षित तरीका भी है।

ITR-U क्या है और कौन दाखिल कर सकता है?

ITR-U एक खास सुविधा है जो टैक्सपेयर्स को अपनी पुरानी टैक्स फाइलिंग में हुई गलतियों को खुद से सुधारने का मौका देती है। अगर आपने मूल रिटर्न दाखिल करने की डेडलाइन मिस कर दी हो, कुछ इनकम रिपोर्ट न की हो, गलत इनकम हेड चुना हो या गलत टैक्स रेट लगाया हो, तो ITR-U के जरिए इसे ठीक किया जा सकता है। इसके अलावा कैरी फॉरवर्ड लॉस में जरूरी बदलाव भी इस फॉर्म से किए जा सकते हैं।

हालांकि, ITR-U से रिफंड क्लेम नहीं किया जा सकता, न ही पहले वाले रिफंड को बढ़ाया जा सकता है। साथ ही ‘निल’ रिटर्न दाखिल करने के लिए भी इसका इस्तेमाल नहीं हो सकता। कोई भी टैक्सपेयर, चाहे उसने पहले रिटर्न दाखिल किया हो या नहीं, इस अपडेटेड फॉर्म को इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन इसमें अतिरिक्त टैक्स देना पड़ता है।

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देरी से बचें, वरना पड़ सकता है भारी

ITR-U दाखिल करने पर अतिरिक्त टैक्स लगता है, जो देरी के हिसाब से 25 प्रतिशत से लेकर 70 प्रतिशत तक हो सकता है। अगर 12 महीने के अंदर दाखिल करें तो 25 प्रतिशत, 24 महीने में 50 प्रतिशत, 36 महीने में 60 प्रतिशत और 48 महीने में 70 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स चुकाना पड़ता है। यह टैक्स मूल बकाया टैक्स और ब्याज पर लगाया जाता है।

अगर आप इस डेडलाइन को अनदेखा कर देते हैं और टैक्स विभाग खुद गलती पकड़ लेता है, तो मामला और गंभीर हो सकता है। री-असेसमेंट की प्रक्रिया शुरू हो सकती है और छुपाए गए टैक्स पर 200 प्रतिशत तक पेनल्टी लगने का खतरा रहता है। इसलिए खुद से सुधार करना ज्यादा सुरक्षित और सस्ता विकल्प है।

बजट 2026 में आई नई राहतें

बजट 2026 में ITR-U को और थोड़ा लचीला बनाया गया है। अब री-असेसमेंट की कार्यवाही शुरू होने के बाद भी ITR-U दाखिल किया जा सकता है, हालांकि इसमें पहले वाली पेनल्टी के ऊपर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स देना होगा। एक और अच्छी बात यह है कि अब लॉस को सेट-ऑफ करने की अनुमति भी मिल गई है, जिससे टैक्स कैलकुलेशन में ज्यादा सुविधा मिलेगी।

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सुविधा टैक्सपेयर्स को अपनी गलतियों को सुधारने और भविष्य की परेशानियों से बचने का आसान रास्ता देती है। जिन लोगों की 2020-21 की फाइलिंग में कोई गड़बड़ी है, उन्हें तुरंत चेक करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर आज ही ITR-U भर देना चाहिए। समय निकल जाने के बाद पछतावा ही रह जाएगा।

First Published : March 31, 2026 | 3:28 PM IST