प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए अगला हफ्ता काफी हलचल भरा और जरूरी साबित होने वाला है। जहां एक तरफ शेयर बाजार में कई कंपनियां अपने निवेशकों को भारी-भरकम डिविडेंड देकर मालामाल करने जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसी भी कंपनियां हैं जो अपने कॉर्पोरेट एक्शन के तहत शेयरों का बंटवारा करने की तैयारी में हैं।
यदि आप अपने पोर्टफोलियो में कम कीमत वाले शेयर पसंद करते हैं या मौजूदा निवेश में शेयरों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। अगले हफ्ते देश की तीन अलग-अलग छोटी-बड़ी कंपनियां अपने स्टॉक स्प्लिट यानी शेयरों के सब-डिवीजन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
इन कंपनियों में सिम्प्लेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड, पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स लिमिटेड और कलिंद लिमिटेड के नाम शामिल हैं। बाजार के नियमों के मुताबिक, इन कंपनियों के शेयरों का चेहरा बदलने वाला है और यह पूरी प्रक्रिया अगले पांच दिनों के भीतर ही पूरी कर ली जाएगी।
हफ्ते के पहले ही दिन यानी सोमवार, 20 जुलाई 2026 को सबसे पहला एक्शन सिम्प्लेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड (Simplex Castings Ltd) के शेयर में देखने को मिलेगा। इस कंपनी के शेयर का फेस वैल्यू अभी 10 रुपये है। कंपनी ने फैसला किया है कि वह अपने शेयर को 10 रुपये से घटाकर 2 रुपये के फेस वैल्यू में स्प्लिट करेगी। इसके लिए कंपनी ने एक्स-डेट और रिकॉर्ड डेट दोनों ही 20 जुलाई 2026 तय की है।
इसके ठीक अगले दिन यानी मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (Pondy Oxides & Chemicals Ltd) के निवेशकों के लिए बड़ा दिन होगा। यह कंपनी अपने शेयरों का बंटवारा 5 रुपये के फेस वैल्यू से घटाकर 2 रुपये के फेस वैल्यू में करने जा रही है। इस स्टॉक स्प्लिट के लिए भी एक्स-डेट और रिकॉर्ड डेट 21 जुलाई 2026 तय की गई है, जिस दिन बाजार खुलते ही शेयरों की संख्या में बदलाव दिखने लगेगा।
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को कलिंद लिमिटेड (Kalind Ltd) इस सिलसिले को आगे बढ़ाएगी। कलिंद लिमिटेड के शेयरों का मौजूदा फेस वैल्यू 10 रुपये है, जिसे कंपनी घटाकर सीधे 2 रुपये प्रति शेयर करने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए अपनी एक्स-डेट और रिकॉर्ड डेट 24 जुलाई 2026 तय की है। इसका मतलब यह है कि अगर आप इस बंटवारे का फायदा उठाना चाहते हैं, तो आपके डीमैट खाते में इन तारीखों से पहले शेयर होने चाहिए।
बता दें कि स्टॉक स्प्लिट होने से निवेशकों के पास शेयरों की संख्या तो बढ़ जाती है, लेकिन कंपनी के कुल मार्केट कैप और आपके निवेश की कुल वैल्यू पर कोई सीधा असर नहीं पड़ता। कंपनियां ऐसा मुख्य रूप से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ाने और छोटे निवेशकों के लिए शेयर को किफायती बनाने के लिए करती हैं।