शेयर बाजार

सप्लाई की चुनौतियों से घट सकती है QSR सेक्टर की रेटिंग, शेयरों में बड़ी गिरावट

पिछले एक महीने में इन शेयरों ने बेंचमार्क इंडेक्स में 4 प्रतिशत की गिरावट के मुकाबले 13 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की है

Published by
दीपक कोरगांवकर   
राम प्रसाद साहू   
Last Updated- April 07, 2026 | 10:31 PM IST

मंगलवार को दिन के कारोबार में बीएसई पर क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (क्यूएसआर) कंपनियों के शेयर वृद्धि की चिंताओं के कारण 10 फीसदी तक गिर गए। जहां जुबिलेंट फूडवर्क्स बाजार बंद होते समय 10.5 फीसदी नीचे था, वहीं वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। इस सेक्टर की अन्य बड़ी सूचीबद्ध कंपनियां- देवयानी इंटरनैशनल, सफायर फूड्स इंडिया और रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया के शेयर लगभग सपाट बंद हुए। इसकी तुलना में सेंसेक्स 0.7 प्रतिशत बढ़कर 74,616 पर बंद हुआ।

पिछले एक महीने में इन शेयरों ने बेंचमार्क इंडेक्स में 4 प्रतिशत की गिरावट के मुकाबले 13 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की है। जुबिलेंट फूडवर्क्स का शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर 409.85 पर आ गया। यह गिरावट तब आई जब कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही के लिए तिमाही-पूर्व अपडेट जारी किया।

इसके बाद ट्रेडिंग वॉल्यूम में कई गुना उछाल आई और दिन के कारोबार में यह शेयर 10 प्रतिशत से अधिक गिर गया। कंपनी के भारतीय व्यवसाय ने 1,686 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया। यह एक साल पहले के मुकाबले 6.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

राजस्व वृद्धि में नरमी जारी है और यह वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के करीब 18 फीसदी के मुकाबले चौथी तिमाही में गिरकर मध्य एक अंक तक रह गई। समेकित राजस्व सालाना आधार पर 19.1 फीसदी बढ़कर मार्च तिमाही में 2,505.8 करोड़ रुपये रहा।

कुल मिलाकर प्रदर्शन में सुधार का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय में बेहतर प्रदर्शन है। पिछली तिमाही के ऊंचे आधार को देखते हुए इस तिमाही में घरेलू लाइक-फॉर-लाइक (एलएफएल) वृद्धि 0.2 प्रतिशत पर स्थिर रही। लेकिन इलारा सिक्योरिटीज का मानना है कि यह कमजोरी मुख्य रूप से वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति में मौजूदा दिक्कतों की वजह से है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी लड़ाई से परिचालन चुनौतियां पैदा हो रही हैं, खासकर एलपीजी की उपलब्धता और लॉजिस्टिक्स में रुकावटों के कारण। ज्यादातर स्टोर कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों पर निर्भर रहते हैं। डोमिनोज की 70 प्रतिशत से ज्यादा निर्भरता है तो केएफसी/पिज्जा हट की 60 प्रतिशत से कम।

इस कारण वे आपूर्ति से जुड़ी दिक्कतों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। वहीं, मैकडॉनल्ड जैसी कुछ कंपनियां इन पर कम निर्भर हैं, क्योंकि उनके 20-25 प्रतिशत स्टोर ही इन पर आश्रित हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज (एमओएफएसएल) के अनुसार कंपनियां इस स्थिति से निपटने में कामयाब रही हैं और मार्च के महीने में ज्यादातर ब्रांडों के स्टोर चालू रहे।

एमओएफएसएल के अनुसार क्यूएसआर कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में तिमाही आधार पर शुरुआती संकेत दिखाए हैं। इनमें जनवरी में अपेक्षाकृत बेहतर गति देखने को मिली है। जल्दी नवरात्र आने (पिछले साल अप्रैल में थे) और रमजान का मांग पर आंशिक असर पड़ा। फिर भी, ज्यादातर कंपनियों में तीसरी तिमाही की तुलना में बेहतर वृद्धि के रुझान रहे हैं।

इस बीच, भारत का फूड सर्विस सेक्टर एलपीजी पर बहुत ज्यादा निर्भर है। लगभग 5 लाख संगठित रेस्टोरेंट में से करीब 90 प्रतिशत कमर्शियल सिलिंडरों पर निर्भर हैं। पीएनजी की पहुंच मुख्य रूप से कुछ चुनिंदा मेट्रो शहरों तक ही सीमित है। ज्यादातर आउटलेट केवल सीमित इन्वेंट्री बफर रखते हैं।

First Published : April 7, 2026 | 10:02 PM IST