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अमेरिकी ऋण सीमा की चिंता से बाजार में गिरावट

चीन के आर्थिक आंकड़ों के संबंध में चिंताएं बढ़ने और अमेरिकी ऋण की अधिकतम सीमा की बातचीत को लेकर चल रही अनिश्चितता की वजह से कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच आज भारतीय इक्विटी में दूसरे दिन भी गिरावट आई। सेंसेक्स…

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Last Updated: मई 17, 2023 | 11:30 PM IST

चीन के आर्थिक आंकड़ों के संबंध में चिंताएं बढ़ने और अमेरिकी ऋण की अधिकतम सीमा की बातचीत को लेकर चल रही अनिश्चितता की वजह से कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच आज भारतीय इक्विटी में दूसरे दिन भी गिरावट आई।

सेंसेक्स 372 अंक या 0.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 61,560 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 105 अंक या 0.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,182 पर बंद हुआ। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के सकारात्मक प्रवाह के बावजूद पिछले दो कारोबारी सत्रों के दौरान सेंसेक्स में 785 अंक या 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि निफ्टी में 217 अंक या 1.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

ऋण सीमा बढ़ाने की अनसुलझी बातचीत पर दुनिया भर के निवेशकों द्वारा कड़ी नजर रखी जा रही है। इस चिंता के बीच निवेशकों की चिंता बढ़ रही है कि क्या अमेरिकी सांसद 1 जून की समय सीमा से पहले ऐतिहासिक चूक से बचने में सक्षम नहीं रह पाएंगे। मंगलवार को अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने कहा था कि सरकारी ऋण की वजह लाखों अमेरिकियों को वेतन भुगतान नहीं हो पाएगा और इससे मंदी की शुरुआत हो सकती है।

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