Paytm नए कारोबार में निवेश करने पर विचार कर रही है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Paytm Bonus share: मोबाइल पेमेंट्स प्लेटफॉर्म पेटीएम (Paytm) की मूल कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड फिलहाल बोनस इक्विटी शेयर जारी करने के प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाएगी। कंपनी की सोमवार को हुई बोर्ड मीटिंग में यह फैसला हुआ। कंपनी का कहना है कि उसका फोकस अभी शेयरधारकों के लिए लंबी अवधि में बेहतर वैल्यू बनाने पर है। इसके लिए वह कारोबार को लगातार बढ़ाने और मुनाफे को और मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। कंपनी ने यह जानकारी जून तिमाही (Q1FY27) के वित्तीय नतीजों के साथ दी है। बोनस पर फैसला नहीं होने का असर पेटीएम के स्टॉक्स पर देखने को मिला। शुरुआती करोबार में स्टॉक करीब 3 फीसदी तक टूट गए।
कंपनी ने जून तिमाही में 220 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा (PAT) दर्ज किया। वहीं, परिचालन से आय सालाना आधार पर 28 फीसदी बढ़ी। साथ ही कंपनी ने पिछली तिमाही में रिकॉर्ड एबिटडा भी दर्ज किया।
सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में Paytm की पैरेंट कंपनी One 97 Communications ने फिलहाल बोनस इक्विटी शेयर जारी नहीं करने का फैसला किया। कंपनी का कहना है कि वह अभी शेयरधारकों के लिए लंबे समय में ज्यादा वैल्यू बनाने पर ध्यान देना चाहती है। इसी वजह से बोनस शेयर की बजाय कारोबार बढ़ाने, मुनाफा मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
बोर्ड से बोनस जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलने का असर मंगलवार को शेयर पर देखने को मिला। BSE पर दोपहर 12 बजे तक के कारोबारी सेशन में शेयर करीब 3 फीसदी तक टूट गया। इस दौरान स्टॉक ने 1,308.75 का लो बनाया। पेटीएम में मंगलवार को करीब आधा फीसदी की गिरावट के साथ 1339.80 पर कारोबार शुरू हुआ। इससे पहले सोमवार को स्टॉक 1,348 रुपये पर बंद हुआ था। 84 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के मार्केट कैप वाली कंपनी ने इसी महीने 15 जुलाई को 1,407 रुपये पर 52 हफ्ते का हाई बनाया था।
Paytm ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि कंपनी ने जून तिमाही में 220 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा (PAT) दर्ज किया। वहीं, परिचालन से आय सालाना आधार पर 28 फीसदी बढ़कर 2,448 करोड़ रुपये दर्ज की गई। कंपनी ने इस तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा कामकाजी मुनाफा (EBITDA) 203 करोड़ रुपये कमाया। साथ ही, EBITDA मार्जिन बढ़कर 8 फीसदी पर पहुंच गया। कंपनी के मुताबिक, परिचालन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते इस्तेमाल से कार्य क्षमता में सुधार हुआ है, जिससे मार्जिन मजबूत हुआ है। इसके अलावा, मर्चेंट GMV 31 फीसदी बढ़कर 7.1 लाख करोड़ रुपये और फाइनेंशियल सर्विसेज से होने वाला रेवेन्यू 45 फीसदी बढ़कर 814 करोड़ रुपये पहुंच गया।
Paytm का कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह कंपनी का तेजी से बढ़ता मर्चेंट लोन बिजनेस है। अब ज्यादा दुकानदार और व्यवसायी Paytm से जुड़ रहे हैं, साथ ही नए लोन पार्टनर भी कंपनी के साथ आ रहे हैं। कंपनी के मुताबिक, दिए गए आधे से ज्यादा लोन ऐसे ग्राहकों ने लिए, जिन्होंने पहले भी Paytm से लोन लिया था। इसके अलावा, Paytm Gold, शेयरों में निवेश (इक्विटी ब्रोकिंग) और दूसरी वित्तीय सेवाओं से भी कंपनी की कमाई बढ़ी है। Paytm, AI की मदद से कंपनी अपने प्रोडक्ट्स और सेवाओं को और आसान और बेहतर बना रही है।
Paytm का कहना है कि वह अपनी मजबूत वित्तीय स्थिति का फायदा उठाकर नए कारोबार में निवेश करने पर विचार कर रही है। कंपनी का फोकस वित्तीय सेवाओं को बढ़ाने, दुकानदारों के लिए नए प्रोडक्ट लाने और विदेशों में कारोबार बढ़ाने पर है। वहीं, Paytm का UPI कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है। जून तिमाही में Consumer UPI के जरिए 5.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हुए और हर महीने ऐप इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्या बढ़कर 8 करोड़ पहुंच गई। कंपनी का मानना है कि इसी तरह कारोबार बढ़ाकर वह आने वाले समय में निवेशकों को बेहतर रिटर्न दे सकेगी।
एजेंसी इनपुट के साथ