Mon, सितंबर 28, 2026 | ई-पेपर

Switch to English Website

Sensex (73,895.74)

+315.20 (+0.43%) ट्रेंड

होम / बाजार / Mutual Fund / Mutual Funds: नए SIP बढ़े, मौजूदा खातों में कमी

Mutual Funds: नए SIP बढ़े, मौजूदा खातों में कमी

म्युचुअल फंडों ने एसआईपी पंजीकरण के साथ-साथ खाते बंद होने की रफ्तार में बड़ा इजाफा दर्ज किया है। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने आम चुनाव से पहले इक्विटी में बढ़ रही अस्थिरता के बीच अपने पोर्टफोलियो में बदलाव…

Mutual Fund

म्युचुअल फंडों ने एसआईपी पंजीकरण के साथ-साथ खाते बंद होने की रफ्तार में बड़ा इजाफा दर्ज किया है। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने आम चुनाव से पहले इक्विटी में बढ़ रही अस्थिरता के बीच अपने पोर्टफोलियो में बदलाव पर जोर दिया।

अप्रैल में नए एसआईपी पंजीकरण मासिक आधार पर 48 प्रतिशत तक बढ़कर 64 लाख पर पहुंच गए जबकि बंद होने वाले एसआईपी खातों की संख्या 42 प्रतिशत बढ़कर 33 लाख हो गई।

मिरै ऐसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के वीसी एवं मुख्य कार्याधिकारी स्वरूप मोहंती ने कहा, ‘नए खाते खोलने के साथ-साथ बंद करने में बड़ी वृद्धि के पीछे एक मुख्य कारण पोर्टफोलियो में फेरबदल करना हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में स्मॉलकैप और मिडकैप फडों में निवेश बढ़ गया था। कुछ निवेशक अब लार्जकैप केंद्रित योजनाओं पर ध्यान दे रहे हो सकते हैं। यह अच्छा संकेत है।’

क्वांटम एमएफ के मुख्य कार्याधिकारी जिमी पटेल ने कहा, ‘नए खाते खुलने और मौजूदा खातों के बंद होने में तेजी से पोर्टफोलियो पुनर्गठन का संकेत मिलता है। यह दोनों मोर्चों – परिसंपत्ति वर्गों और स्कीम श्रेणियों – में हो सकता है।’ एसआईपी बंद होने के आंकड़े में वे खाते भी शामिल हैं जो अप्रैल में परिपक्व हो गए थे।

कैलेंडर वर्ष 2024 की शुरुआत से ही लार्जकैप और फ्लेक्सीकैप योजनाओं के निवेश और नए फोलियो की संख्या में इजाफा देखा गया है। लार्जकैप फंडों में सकल निवेश पिछले तीन महीनों में 5,000 करोड़ रुपये से ऊपर बना हुआ है। हालांकि फंडों को भुनाने की रफ्तार बढ़ने की वजह से अप्रैल में महज 358 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश प्रवाह दर्ज किया गया।

फ्लेक्सीकैप फंडों ने 2,173 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आकर्षित किया। फंड उद्योग के अधिकारियों के अनुसार नए वित्त वर्ष की शुरुआत भी निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करने और बदलाव लाने के लिए प्रेरित कर सकती है।

कुछ लोगों का कहना है कि समझदार निवेशकों ने चुनाव नतीजों, कंपनियों के परिणामों की घोषणा और मॉनसून के आगमन जैसी प्रमुख घटनाओं से पहले ही अपने पोर्टफोलियो में ‘बीटा’ या ज्यादा अस्थिरता वाले शेयरों को कम कर दिया है।

आईटीआई म्युचुअल फंड में मुख्य व्यावसायिक अधिकारी मयूख दत्ता ने कहा, ‘निवेशकों ने वर्ष के शुरू में अपने पोर्टफोलियो में बदलाव किया हो सकता है।’म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट अकाउंट (फोलियो) से संबंधित आंकड़ों (जिसमें एसआईपी और एकमुश्त निवेश शामिल) से पता चलता है कि सेक्टोरल और थीमेटिक फंडों ने सबसे अधिक 819,171 फोलियो जोड़े।

स्मॉलकैप और मिडकैप फंडों ने क्रम से 374,780 और 364,798 फोलियो जोड़े। विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में निवेशकों ने स्मॉलकैप और मिडकैप फंडों में मुनाफावसूली की और महंगे मूल्यांकन की चिंताओं के बीच लार्जकैप से जुड़ी योजनाओं की ओर रुख किया।

इन योजनाओं के दमदार प्रदर्शन ने भी नए निवेशकों और फोलियो में लगातार वृद्धि सुनिश्चित की है। एसआईपी खातों की संख्या में कटौती हाल के वर्षों में बढ़ी है। ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्मों की वजह से निवेश प्रक्रिया आसान होने के कारण भी एसआईपी खातों में घट-बढ़ हो रही है। हालांकि उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि निवेशकों को अपने एसआईपी पोर्टफोलियो बार बार बदलने के बजाय अल्पावधि दांव के लिए एकमुश्त निवेश का नजरिया अपनाना चाहिए।

First Published - मई 10, 2024 | 10:02 PM IST

Advertisement

Advertisement