म्युचुअल फंड

SIP का बढ़ता दम: ऐक्टिव इक्विटी म्युचुअल फंड AUM में हिस्सेदारी पहली बार 40% के पार

यह बढ़ोतरी ऐसे समय हो रही है जब कोविड-19 महामारी के बाद बाजार में आई तेजी पिछले दो वर्षों में धीमी पड़ गई है जबकि इस तेजी ने एसआईपी निवेश को रफ्तार दी थी

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अभिषेक कुमार   
Last Updated- June 28, 2026 | 11:56 PM IST

निवेशकों के किस्तों में लगातार निवेश करते रहने से ऐक्टिव इक्विटी म्युचुअल फंडों में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) की हिस्सेदारी बढ़ रही है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय हो रही है जब कोविड-19 महामारी के बाद बाजार में आई तेजी पिछले दो वर्षों में धीमी पड़ गई है जबकि इस तेजी ने एसआईपी निवेश को रफ्तार दी थी।

उद्योग के आंकड़ों के अनुसार मई 2026 के अंत तक ऐक्टिव इक्विटी म्युचुअल फंडों की कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) में एसआईपी से जुड़ी परिसंपत्तियों की हिस्सेदारी बढ़कर 40.4 प्रतिशत हो गई। यह दिसंबर 2025 में 40 प्रतिशत और एक वर्ष पूर्व 38.8 प्रतिशत थी। इस साल जनवरी में पहली बार एसआईपी की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत को पार कर गई थी और इसके बाद से इसमें लगातार बढ़ोतरी जारी है जबकि हाल के महीनों में एसआईपी निवेश में कमी आई है।

बिज़नेस स्टैंडर्ड को मिले उद्योग आंकड़ों के मुताबिक मई 2026 में ऐक्टिव इक्विटी एसआईपी के तहत कुल एयूएम लगभग 14.6 लाख करोड़ रुपये थी जबकि ऐक्टिव इक्विटी म्युचुअल फंडों की कुल एयूएम करीब 36.1 लाख करोड़ रुपये थी। एसआईपी खुदरा निवेशकों, विशेषकर ऐक्टिव इक्विटी योजनाओं में निवेश करने वालों के लिए सबसे पसंदीदा माध्यम बना हुआ है। पिछले छह वर्षों में एसआईपी के जरिये निवेश में लगातार वृद्धि हुई है जिससे यह म्युचुअल फंड उद्योग के लिए निवेश जुटाने का प्रमुख स्रोत बन गया है।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की लगातार बिकवाली के दौरान इन्होंने घरेलू शेयर बाजार को सहारा दिया है। म्युचुअल फंड अधिकारियों के अनुसार पिछले दो वर्षों में एसआईपी निवेश में मजबूती से निवेशकों की बढ़ती समझदारी और रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का संकेत मिलता है।

निपॉन इंडिया म्युचुअल फंड के अध्यक्ष और उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सौगत चटर्जी ने कहा, ‘पिछले तीन महीनों से मासिक एसआईपी निवेश 30,000 करोड़ रुपये से अधिक बना हुआ है। मई 2026 में एसआईपी के जरिये 30,954 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो पिछले वर्ष की मई की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक है। उद्योग के औसत एयूएम और निवेश खातों की संख्या में भी इसी तरह की वृद्धि देखने को मिल रही है जिससे स्पष्ट है कि खुदरा निवेशकों की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। मई 2025 के बाद से उद्योग में लगभग 7.7 करोड़ शुद्ध एसआईपी खाते जुड़े हैं, जिससे निवेश का खुदरा आधार और मजबूत हुआ है।

लेकिन हाल के महीनों में एसआईपी के जरिये निवेश और नए खातों की शुद्ध संख्या में कुछ नरमी भी देखी गई है। मार्च 2026 में रिकॉर्ड 32,087 करोड़ रुपये का एसआईपी निवेश आया था, जो मई में घटकर 30,954 करोड़ रुपये रह गया। वहीं मार्च और अप्रैल के दौरान बंद होने वाले एसआईपी खातों की संख्या नए खुले खातों से अधिक रही। बावजूद, मई 2026 में एसआईपी के जरिये निवेश और सक्रिय एसआईपी खातों की कुल संख्या, दोनों ही एक वर्ष पहले की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक बढ़े हैं। म्युचुअल फंड उद्योग को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में एसआईपी निवेश की रफ्तार फिर तेज होगी।

First Published : June 28, 2026 | 11:56 PM IST