NSE IPO Listing: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शेयरों की गुरुवार को शेयर बाजार में मामूली बढ़त के साथ लिस्टिंग हुई। IPO के दौरान मजबूत लिस्टिंग की उम्मीद के बीच NSE के शेयर BSE पर ₹1,800 के भाव पर लिस्ट हुए। यह ₹1,785 के IPO इश्यू प्राइस से करीब 0.84% अधिक है। यानी IPO निवेशकों को लिस्टिंग पर लगभग 1% का प्रीमियम मिला।
हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान NSE का शेयर इश्यू प्राइस से 5.14% ऊपर चढ़कर ₹1,876.70 के स्तर पर पहुंच गया। इस तरह शुरुआती कारोबार में निवेशकों की NSE के शेयरों में दिलचस्पी देखने को मिली।
GMP से भी कमजोर रही लिस्टिंग
लिस्टिंग से पहले NSE के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP करीब ₹38 प्रति शेयर था। इस आधार पर शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत करीब ₹1,823 मानी जा रही थी। यानी GMP के हिसाब से करीब 2.13% प्रीमियम की उम्मीद थी।
हालांकि, वास्तविक लिस्टिंग ₹1,800 पर हुई, जो ग्रे मार्केट के अनुमान से कम रही।
5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ NSE IPO
NSE का ₹22,562 करोड़ का IPO निवेशकों के बीच काफी चर्चा में रहा। इश्यू में उपलब्ध 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले कुल 50.58 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। इस तरह IPO कुल मिलाकर 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ।
निवेशक वर्ग के हिसाब से देखें तो क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के हिस्से को 12.68 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की कैटेगरी 6.55 गुना सब्सक्राइब हुई।
रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से में 4.41 करोड़ शेयर थे, जबकि इसके मुकाबले 6.13 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आईं। इस तरह रिटेल कैटेगरी को 1.39 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
NSE IPO पर एक्सपर्ट की राय
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट की वेल्थ हेड शिवानी न्याति के मुताबिक, NSE के शेयरों की BSE पर ₹1,800 के भाव पर लिस्टिंग हुई। यह ₹1,785 के ऊपरी इश्यू प्राइस से करीब 0.9% अधिक है। उनके अनुसार, मामूली प्रीमियम के साथ लिस्टिंग से संकेत मिलता है कि बाजार ने NSE के शेयर की कीमत को लेकर शुरुआती दौर में काफी हद तक संतुलित उम्मीदें रखी थीं।
शिवानी न्याति का कहना है कि भारतीय कैपिटल मार्केट में NSE की मजबूत स्थिति और बड़ी बाजार हिस्सेदारी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण बढ़त है। NSE की कैश मार्केट में करीब 93% और इक्विटी फ्यूचर्स में लगभग 99.8% हिस्सेदारी है। कंपनी की मजबूत स्थिति और अच्छी कैश जनरेशन क्षमता उसके कारोबार को सपोर्ट करती है।
उन्होंने यह भी बताया कि IPO के प्राइस बैंड के आधार पर NSE का वैल्यूएशन FY26 के अनुमानित डायल्यूटेड EPS के करीब 40.9 से 42.9 गुना के बराबर है। वहीं, इसकी सूचीबद्ध प्रतिद्वंद्वी कंपनी BSE करीब 54.3 गुना के वैल्यूएशन पर कारोबार कर रही है। हालांकि, NSE के कारोबार से जुड़ा एक प्रमुख जोखिम यह है कि उसकी करीब 79% आय बाजार में ट्रेडिंग वॉल्यूम पर निर्भर करती है। ऐसे में बाजार की गतिविधियों में उतार-चढ़ाव और SEBI के नियामकीय बदलावों का कंपनी की कमाई पर असर पड़ सकता है।
Emkay की NSE पर ‘BUY’ रेटिंग
ब्रोकरेज फर्म Emkay ने NSE पर कवरेज शुरू करते हुए ‘BUY’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने सितंबर 2027 के लिए NSE का ₹2,050 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो करीब 15% की संभावित बढ़त को दर्शाता है। Emkay के अनुसार, भारत में कैपिटल मार्केट और वित्तीयकरण की ग्रोथ के लिए अभी लंबी गुंजाइश है।
ब्रोकरेज का मानना है कि NSE ने लंबे समय से भारतीय कैपिटल मार्केट के अलग-अलग सेगमेंट में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है। कंपनी का बिजनेस मॉडल बदलते नियामकीय और आर्थिक माहौल के अनुसार खुद को ढालने में सक्षम रहा है। इसके साथ ही NSE की मजबूत लाभप्रदता और कैश फ्लो भी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण सकारात्मक पहलू हैं।
Emkay का अनुमान है कि FY27 से FY29 के दौरान NSE का EPS करीब 13% की सालाना दर से बढ़ सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, भारत में बढ़ती संपत्ति, वित्तीय सेवाओं की बढ़ती पहुंच और कैपिटल मार्केट में बढ़ती भागीदारी से NSE को लंबी अवधि में फायदा मिल सकता है।
NSE IPO से जुड़ी जानकारी
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) का बहुप्रतीक्षित आईपीओ 17 सितंबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला और 21 सितंबर को बंद हुआ। कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) था, यानी इस इश्यू के तहत NSE ने कोई नए शेयर जारी नहीं किए। मौजूदा शेयरधारकों ने अपने शेयरों की बिक्री की।
यह आईपीओ आकार के लिहाज से 2024 में आए Hyundai Motor India के ₹27,858.75 करोड़ के आईपीओ के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू रहा।
NSE IPO का इश्यू साइज और शेयरों का आवंटन
NSE के आईपीओ में कुल 12,64,36,650 शेयर शामिल थे। इसमें से 4,33,436 शेयरों को प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के तहत अलग रखने के बाद पब्लिक के लिए नेट ऑफर 12,60,03,214 शेयरों का रहा।
नेट ऑफर को अलग-अलग निवेशक श्रेणियों में इस तरह बांटा गया था:
- QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स): 6,30,01,606 शेयर, यानी 50%
- NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स): 1,89,00,483 शेयर, यानी 15%
- RII (रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स): 4,41,01,125 शेयर, यानी 35%
NSE IPO का लॉट साइज
रिटेल निवेशकों के लिए NSE IPO में न्यूनतम बोली 8 शेयरों के लिए लगाई जा सकती थी। इसके बाद निवेशक 8 शेयरों के गुणक में बोली लगा सकते थे।
₹1,785 के ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट की अधिकतम कीमत ₹14,280 थी।
NSE IPO में एंकर निवेशकों की बड़ी भागीदारी
आईपीओ खुलने से एक दिन पहले, यानी 16 सितंबर 2026 को NSE ने एंकर निवेशकों से करीब ₹6,746.18 करोड़ जुटाए। इसमें लगभग 189 एंकर निवेशकों ने हिस्सा लिया।
एंकर निवेशकों में कई बड़े संस्थागत नाम शामिल रहे। इनमें LIC, Norway Government Pension Fund Global, Monetary Authority of Singapore, Abu Dhabi Investment Authority और Société Générale जैसे प्रमुख निवेशक शामिल थे। इनके अलावा कई बीमा कंपनियों और म्यूचुअल फंड्स ने भी एंकर बुक में भाग लिया।
NSE IPO के बुक-रनिंग लीड मैनेजर
NSE के आईपीओ के लिए कई प्रमुख वित्तीय संस्थानों को बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया था। इनमें कोटक कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, सिटीग्रुप, एचएसबीसी सिक्योरिटीज, जेपी मॉर्गन इंडिया, एसबीआई कैपिटल, आनंद राठी एडवाइजर्स, एवेंडस कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, डीएएम कैपिटल, इक्विरस कैपिटल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, आईडीबीआई कैपिटल, आईआईएफएल कैपिटल, मोतीलाल ओसवाल, नुवामा वेल्थ, पैंटोमाथ कैपिटल और 360 वन डब्ल्यूएएम शामिल हैं।
NSE क्या करती है?
National Stock Exchange of India Limited (NSE) की स्थापना 1992 में हुई थी। यह भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और दुनिया के प्रमुख मल्टी-एसेट एक्सचेंज प्लेटफॉर्म में शामिल है।
NSE का कारोबार केवल शेयरों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है। कंपनी ट्रेडिंग, क्लियरिंग, सेटलमेंट, लिस्टिंग, मार्केट डेटा, इंडेक्स सर्विसेज और बाजार से जुड़ी अन्य सेवाएं उपलब्ध कराती है।
NSE पर इक्विटी, डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कमोडिटी, डेट सिक्योरिटीज और म्यूचुअल फंड सहित कई एसेट क्लास में कारोबार होता है।
NSE की बाजार में मजबूत पकड़
30 जून 2026 तक NSE के प्लेटफॉर्म पर 26.13 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड निवेशक अकाउंट थे। वहीं यूनिक निवेशकों की संख्या करीब 12.9 करोड़ थी।
इस अवधि तक NSE के पास:
- 1,328 ट्रेडिंग मेंबर
- 3,005 लिस्टेड कंपनियां
- करीब ₹474.08 लाख करोड़ का कुल लिस्टेड मार्केट कैपिटलाइजेशन
था।
कंपनी के अनुसार, NSE का नेटवर्क देश के 99% से ज्यादा पिन कोड तक पहुंच रखता है। इसका टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग, रियल-टाइम मार्केट डेटा, रिस्क मैनेजमेंट, सर्विलांस और रेगुलेटरी कंप्लायंस जैसी जरूरतों को सपोर्ट करता है।
अलग-अलग सेगमेंट में NSE की बाजार हिस्सेदारी
31 मार्च 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, टर्नओवर के आधार पर भारतीय बाजार के अलग-अलग सेगमेंट में NSE की हिस्सेदारी काफी अधिक थी।
- कैश मार्केट: 99.79%
- इक्विटी फ्यूचर्स: 74.71%
- इक्विटी ऑप्शंस: 99.48%
- एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी ऑप्शंस: 100% (कुल प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर)
NSE की व्यापक पहुंच, बड़ी निवेशक संख्या, मजबूत टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और विभिन्न मार्केट सेगमेंट में मौजूदगी इसे भारतीय कैपिटल मार्केट के प्रमुख संस्थानों में से एक बनाती है।
