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बिज़नेस स्टैंडर्ड

…तो इस मजबूती के पीछे सीमेंट है वजह

बढ़ती महंगाई से बेचैन सरकार ने कमोडिटी की बढ़ती कीमतों और मुद्रास्फीति पर चर्चा के लिए सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई थी। हालांकि उसके एक दिन बाद ही सीमेंट निर्माताओं ने सीमेंट की कीमत 2 से 5 रुपये प्रति…

Last Updated: दिसंबर 5, 2022 | 7:00 PM IST

बढ़ती महंगाई से बेचैन सरकार ने कमोडिटी की बढ़ती कीमतों और मुद्रास्फीति पर चर्चा के लिए सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई थी।


हालांकि उसके एक दिन बाद ही सीमेंट निर्माताओं ने सीमेंट की कीमत 2 से 5 रुपये प्रति बोरी (50 किलो) बढ़ा दी।कीमतों में इस बढ़ोतरी के बारे में सीमेंट निर्माता कंपनी ने बात करना से मना कर दिया, लेकिन मुंबई में सीमेंट के डीलर ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि लगभग सभी बड़ी कंपनियों ने सीमेंट का दाम करीब 4 रुपये बढ़ा दिया है। उत्तर भारत में भी सीमेंट के दामों में 3 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।


दिल्ली के एक सीमेंट कारोबारी ने कहा कि सीमेंट निर्माता कंपनी की ओर से संकेत मिले हैं कि अगले एक-दो दिनों में सीमेंट की कीमतों में प्रति बोरी 5 रुपये का उछाल आ सकता है। मुंबई में फिलहाल सीमेंट की कीमत 274 रुपये प्रति बोरी है। सूत्रों के मुताबिक, चेन्नई में सीमेंट की कीमतों में 3 रुपये का उछाल आया है।


खाद्य तेलों में नरमी की उम्मीद


सरकार ने कहा कि एक महीने के भीतर खाद्य तेल की कीमत में तीन रुपए से चार रुपए की कमी आएगी। वाणिज्य सचिव जी. के. पिल्लै ने लौह अयस्क उत्पादनकर्ताओं के साथ हुई बैठक के बाद यह बताया।


बाजार से जुटाए 1,45,590 करोड़ रु.


मुद्रास्फीति की दर को नियंत्रित करने के उपायों के तहत सरकार ने 2007-08 के पहले 11 महीनों के दौरान बाजार से 1,45,590 करोड़ रुपए जुटाए हैं। लेखा महानियंत्रक की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक व्यय पर कड़ी नजर और कर वसूली में बढ़ोतरी से सरकार राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने में सफल रही।

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