HAL Share Price: सरकारी डिफेंस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL के शेयर में सोमवार को तेज गिरावट देखने को मिली। 18 मई को सुबह 10:50 बजे HAL का शेयर करीब 188 रुपये यानी 4.29 फीसदी टूटकर 4,198.45 रुपये पर कारोबार कर रहा था। वहीं उसी समय बीएसई सेंसेक्स करीब 663 अंक यानी 0.88 फीसदी नीचे था। यानी बाजार के मुकाबले HAL में ज्यादा दबाव देखने को मिला।
लेकिन दिलचस्प बात ये है कि शेयर गिरने के बावजूद कई बड़ी ब्रोकरेज कंपनियां अभी भी HAL को लेकर काफी भरोसे में हैं। मोतीलाल ओसवाल, नुवामा, एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग और च्वाइस ब्रोकिंग सभी ने शेयर पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है और आने वाले समय में अच्छी तेजी की उम्मीद जताई है।
मोतीलाल ओसवाल ने HAL पर BUY रेटिंग रखते हुए 5,500 रुपये का टारगेट दिया है। मौजूदा स्तर से यह करीब 31 फीसदी तक की संभावित तेजी दिखाता है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के मार्च तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे। हालांकि Tejas Mk1A लड़ाकू विमान की डिलीवरी में देरी हुई, लेकिन कंपनी ने दूसरे प्रोजेक्ट्स पर अच्छी रफ्तार दिखाई। ALH हेलिकॉप्टर, इंजन और दूसरे प्लेटफॉर्म्स की वजह से कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग आय FY26 में करीब 30 फीसदी बढ़ी। ब्रोकरेज का कहना है कि HAL के पास करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर बुक है, जो आने वाले कई सालों तक कंपनी को काम देता रहेगा।
HAL ने कहा है कि अमेरिकी कंपनी GE Aerospace अगस्त 2026 से मार्च 2027 के बीच 15 इंजन सप्लाई करेगी। इसके बाद कंपनी FY27 में करीब 20 Tejas Mk1A विमान डिलीवर करने का टारगेट लेकर चल रही है। यानी फिलहाल पूरी कहानी इंजन सप्लाई और डिलीवरी की रफ्तार पर टिकी हुई है।
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नुवामा ने HAL पर BUY रेटिंग रखते हुए 5,040 रुपये का टारगेट दिया है। मौजूदा स्तर से यह करीब 20 फीसदी तक की संभावित तेजी दिखाता है। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी की चौथी तिमाही बहुत दमदार नहीं रही। कंपनी की आय सिर्फ 1.8 फीसदी बढ़ी और मार्जिन भी कमजोर रहे। लेकिन अच्छी बात ये है कि HAL के पास 2.54 लाख करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है। यानी कंपनी के पास आने वाले कई सालों के लिए भरपूर काम मौजूद है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने HAL Share पर 5,706 रुपये का सबसे बड़ा टारगेट दिया है। मौजूदा स्तर से यह करीब 36 फीसदी तक की संभावित तेजी दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत तेजी से अपने डिफेंस सिस्टम को मजबूत कर रहा है। ऐसे में लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर और इंजन की मांग लगातार बढ़ती रहेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे-जैसे GE इंजन की सप्लाई सामान्य होगी, वैसे-वैसे HAL की डिलीवरी और कमाई दोनों में तेजी आ सकती है।
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Choice Broking ने HAL पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए 5,050 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा स्तर से यह करीब 20 फीसदी तक की संभावित तेजी दिखाता है। ब्रोकरेज का कहना है कि HAL अब सिर्फ विमान बनाने वाली कंपनी नहीं रह गई है। अब कंपनी का रिपेयर, सर्विस और स्पेयर पार्ट्स वाला कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है। Su-30, ALH और दूसरे प्लेटफॉर्म्स की बड़ी संख्या भविष्य में लगातार कमाई देती रहेगी। हालांकि ब्रोकरेज ने माना कि फिलहाल कंपनी की नजदीकी ग्रोथ Tejas Mk1A की डिलीवरी पर काफी हद तक निर्भर करेगी।
HAL इस समय भारत की सबसे बड़ी डिफेंस कंपनियों में गिनी जाती है। सरकार लगातार डिफेंस क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर और इंजन बनाने वाली HAL के लिए आगे बड़े मौके दिख रहे हैं। यही वजह है कि शेयर में हालिया गिरावट के बावजूद ब्रोकरेज कंपनियां अभी भी इसे लंबी अवधि का मजबूत दांव मान रही हैं।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)