भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के शेयर में सोमवार को तेज उछाल देखने को मिला। कंपनी का शेयर बीएसई पर कारोबार के दौरान 4.4 प्रतिशत बढ़कर 330.65 रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले 21 महीनों का हाई है। लगातार नौवें कारोबारी दिन शेयर में तेजी बनी रही और इस दौरान इसमें लगभग 35 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। 16 अप्रैल को शेयर ने 305.85 रुपये के अपने पिछले हाई को भी पार कर लिया था। फिलहाल शेयर करीब 329.50 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। इससे पहले जुलाई 2024 में यह 335.40 रुपये तक गया था, जबकि इसका ऑल-टाइम हाई 2007 में 390 रुपये रहा है।
वित्त वर्ष 2025-26 में BHEL ने शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कुल कारोबार 18 प्रतिशत बढ़कर 32,350 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी को 75,000 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले, जिसमें पावर सेक्टर का योगदान 59,000 करोड़ रुपये और इंडस्ट्रियल सेक्टर का योगदान 16,000 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का कुल ऑर्डर बुक बढ़कर 2.4 लाख करोड़ रुपये हो गया है। साथ ही, BHEL ने करीब 8.9 गीगावाट बिजली क्षमता शुरू की, जो मजबूत कामकाज को दर्शाता है।
एनालिस्ट्स का मानना है कि BHEL अब ऑर्डर लेने के साथ-साथ तेजी से प्रोजेक्ट पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी के पास 4 से 5 साल तक का मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन है, जिससे आने वाले समय में कमाई में स्थिरता बनी रह सकती है। इंडस्ट्रियल सेगमेंट में 43 प्रतिशत की बढ़त यह दिखाती है कि कंपनी डिफेंस, ट्रांसमिशन और अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है।
ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि BHEL अब execution-led growth फेज में प्रवेश कर चुकी है और कंपनी का ऑर्डर बुक काफी मजबूत है, जिससे आने वाले वर्षों में कमाई की अच्छी संभावना है। इस फर्म ने शेयर के लिए 343 रुपये का टारगेट दिया है और इसे अपने टॉप पिक्स में शामिल किया है।
वहीं, JM फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज ने भी इस शेयर पर ‘खरीदें’ की सलाह दी है और 345 रुपये का लक्ष्य तय किया है। इसके अलावा, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने अपनी सेक्टर रिपोर्ट में कहा है कि बिजली और ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स में बढ़ोतरी से BHEL जैसी कंपनियों को आगे भी फायदा मिलेगा।
सरकार की योजना FY32 तक करीब 97 गीगावाट नई थर्मल बिजली क्षमता जोड़ने की है, जिससे BHEL को बड़े पैमाने पर नए ऑर्डर मिल सकते हैं। इसके अलावा, हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) प्रोजेक्ट्स में बढ़ोतरी भी कंपनी के लिए नए मौके लेकर आ रही है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)