स्वास्थ्य

कैसे दिन-प्रतिदिन बढ़ता वायु प्रदूषण आपके आंखों पर गंभीर असर डाल रहा है? एक्सपर्ट से समझें

हर स्मॉग सीजन में आंखों में जलन, सूखापन और धुंधला दिखने जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं, ऐसे में कुछ चेतावनी संकेत हैं जिन्हें कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

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सर्जना राय   
Last Updated- November 21, 2025 | 4:18 PM IST

हर सर्दी में जब हवा जहरीली हो जाती है, तो ज्यादातर लोग फेफड़ों की चिंता करते हैं, लेकिन इससे आंखें सबसे पहले परेशान होती हैं। जलन, सूखापन और अचानक धुंधला दिखना, अब भारत के स्मॉग सीजन में ये आम शिकायतें बन गई हैं। हवा में उड़ते बारीक कण आंखों की सतह पर चिपक जाते हैं और अगर इन्हें नजरअंदाज किया तो परेशानी बढ़ सकती है।

जगत फार्मा और डॉ. बासु आई हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. मंदीप सिंह बासु कहते हैं, “भारत के शहरों में प्रदूषण जिस तेजी से बढ़ रहा है, उससे लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं, जिनमें आंखों की समस्या भी शामिल है।”

प्रदूषण आंखों को कैसे नुकसान पहुंचाता है?

गंदी हवा में ज्यादा देर रहने से कुछ ही घंटों में आंखें लाल हो सकती हैं और जलन शुरू हो सकती है। डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल में कंसल्टेंट ऑप्थल्मोलॉजिस्ट डॉ. विकास ऐली डी. बताते हैं, “प्रदूषण की वजह से आंखों में रेत चली गई जैसा लगता है, जलन होती है, खुजली होती है और लाल हो जाती हैं।”

वे आगे कहते हैं कि प्रदूषण आंखों के ऊपर की प्राकृतिक नमी की परत को खराब कर देता है, जिससे या तो आंखें बहुत सूख जाती हैं या फिर जरूरत से ज्यादा पानी आने लगता है।

डॉ. बासु कहते हैं कि अगर लंबे समय तक ऐसा चलता रहे तो क्रॉनिक ड्राई आई की समस्या हो सकती है, बार-बार कंजक्टिवाइटिस हो सकता है और मोतियाबिंद का खतरा भी बढ़ जाता है।

कुछ प्रदूषक आंख के सामने वाले पारदर्शी हिस्से (कॉर्निया) की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे नजर पर असर पड़ता है। वहीं पलकों पर कण जमने से ब्लेफेराइटिस हो जाता है। यानी पलकों की किनारी पर लंबे समय तक सूजन रहती है, खुजली, जलन, लालिमा, सूजन और पपड़ी जैसी चीजें जम जाती हैं।

ये लक्षण बिल्कुल नजरअंदाज न करें!

डॉक्टरों का कहना है कि अगर परेशानी 48 घंटे से ज्यादा रह जाए तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। अगर आंख में तेज दर्द, बहुत ज्यादा लालिमा, पलकें सूज जाएं, गाढ़ा मवाद निकले या अचानक नजर कमजोर लगे तो ये गंभीर संकेत हैं। रोशनी से बहुत तकलीफ होना (फोटोफोबिया), साथ में सिर दर्द, उल्टी या जी मिचलाना हो तो तुरंत अस्पताल जाएं।

अगर लगातार ऐसा महसूस हो कि आंख में कुछ चुभा हुआ है और पानी डालने से भी नहीं निकल रहा, तो इसे हल्के में न लें।

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किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

  • बच्चे, बुजुर्ग और जिन्हें पहले से एलर्जी है, उनको प्रदूषण से जल्दी और तेज असर होता है।
  • बच्चों के लिए घर में एलर्जी करने वाली चीजों को कम रखें और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें।
  • बुजुर्गों को दूसरी बीमारियां और दवाइयां भी होती हैं, इसलिए नियमित आंखों की जांच जरूरी है।
  • एलर्जी वाले लोग ट्रिगर करने वाली चीजों से दूर रहें, पोलन काउंट चेक करते रहें और इमरजेंसी दवा हमेशा साथ रखें।

कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों के लिए खास सावधानी

जब AQI बहुत खराब हो, उस दिन चश्मा पहनना सबसे सुरक्षित है क्योंकि लेंस पर कण चिपक कर सीधे आंख से सट जाते हैं। बाहर जाते वक्त लपेटने वाला चश्मा या प्रोटेक्टिव गॉगल्स लगाएं। अगर लेंस पहनना ही पड़े तो बहुत अच्छे से साफ करें, बिना प्रिजर्वेटिव वाले लुब्रिकेंट ड्रॉप्स डालें और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। डेली डिस्पोजेबल लेंस बेहतर विकल्प हैं और बाहर कम से कम निकलें।

स्मॉग वाले दिनों में ये आदतें डालें

साफ-सफाई ही सबसे बड़ा बचाव है। डॉ. ऐली कहते हैं, “आंखों को बचाने के लिए सही चश्मा, अच्छी सफाई की आदत और हेल्दी लाइफस्टाइल सबसे जरूरी है, साथ ही समय-समय पर पूरी आंखों की जांच करवाते रहें।” कुछ आसान आदतें जो बहुत काम आती हैं:

  • आंख या लेंस छूने से पहले अच्छे से हाथ धोएं
  • कभी भी आंखें न रगड़ें
  • लेंस की अच्छे से देखभाल करें, कभी नल का पानी न इस्तेमाल करें, सोने या नहाने से पहले जरूर उतार दें
  • लोकल AQI चेक करें और सबसे ज्यादा प्रदूषण वाले घंटों में बाहर न निकलें
  • बाहर जाएं तो अच्छे से फिट होने वाला सनग्लास या गॉगल्स जरूर पहनें
  • घर लौटते ही चेहरा धोएं और आंखों को साफ पानी से धीरे-धीरे धो लें
  • बिना प्रिजर्वेटिव वाली आंख की ड्रॉप्स डालकर सूखापन और कण निकाल सकते हैं
  • बंद आंखों पर ठंडी सिकाई करें, जलन और सूजन में आराम मिलेगा
  • पलकों और लैशेस को हल्के क्लींजर या गुनगुने पानी से साफ करें
  • घर में एयर प्यूरीफायर चलाएं और खिड़कियां बंद रखें जब बाहर AQI खराब हो
  • खूब पानी पिएं और आंखों के लिए एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 से भरपूर खाना खाएं
  • स्क्रीन का समय कम करें, 20-20-20 नियम फॉलो करें – हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें
  • पालक, गाजर, हरी सब्जियां, मछली, बादाम, संतरा जैसे फल-सब्जियां ज्यादा खाएं, जिसमें विटामिन A, C, E और ओमेगा-3 अच्छी मात्रा में हो।
First Published : November 21, 2025 | 4:18 PM IST