अंतरराष्ट्रीय

भारत-अमेरिका में कड़वाहट होगी दूर! बोले रूबियो: कुछ ही हफ्तों में ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर होंगे दस्तखत

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के मजबूत रणनीतिक रिश्तों पर जोर देते हुए जल्द ही द्विपक्षीय व्यापार समझौता होने की उम्मीद जताई

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अर्चिस मोहन   
Last Updated- May 25, 2026 | 10:42 PM IST

भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो पिछले लगभग एक साल में दोनों देशों के बीच रिश्तों में आई खटास दूर करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। रूबियो ने सोमवार को अमेरिका में कथित तौर पर भारत के खिलाफ टीका-टिप्पणी से द्विपक्षीय संबंध और बिगड़ने को लेकर व्याप्त चिंता दूर करने का भी प्रयास किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भारत और प्रधानमंत्री मोदी से प्यार करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता कुछ ही हफ्तों में अपने मुकाम तक पहुंच जाएगा।

रूबियो ने दोहराया कि अमेरिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी करने के लिए उत्सुक है। मोदी इस साल दिसंबर में जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्लोरिडा जा सकते हैं जहां अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ ‘अलग से’ एक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा सकता है।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। रूबियो के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका जाने के संकेत दिए हैं। हालांकि, जी-20 शिखर सम्मेलन में अभी छह महीने से अधिक का समय है इसलिए भारतीय पक्ष ने अभी तक प्रधानमंत्री के यात्रा कार्यक्रम को अंतिम रूप नहीं दिया है। रूबियो ने कहा, ‘अगर राष्ट्रपति नहीं चाहते कि मैं यहां रहूं तो मैं यहां नहीं होता। उन्होंने सर्जियो गोर जैसे व्यक्ति को अमेरिका का राजदूत बनाकर नहीं भेजा होता जो राष्ट्रपति के बहुत करीबी हैं।’

रविवार शाम को भारत मंडपम में अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से फोन पर बात की और कहा,‘भारत मुझ पर सौ प्रतिशत भरोसा कर सकता है।’ उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपना ‘महान’ मित्र बताया।

इस कार्यक्रम में अपने संबोधन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अमेरिका में रहने वाले भारतीय प्रवासियों ने दोनों देशों के बीच राजनीतिक समझ विकसित करने में मदद की है। हालांकि, सोमवार सुबह रूबियो के साथ यात्रा कर रहे एक पत्रकार ने उनसे रविवार दोपहर को एक भारतीय पत्रकार द्वारा कथित तौर पर भारत विरोधी नस्लवादी टिप्पणियों में वृद्धि के बारे में पूछे गए प्रश्न का फिर जिक्र किया। अप्रैल में ट्रंप ने दक्षिणपंथी टेलीविजन एंकर माइकल सैवेज की सोशल मीडिया पोस्ट साझा की थी जिसमें भारत और चीन को ‘नर्क’ बताया गया था और अमेरिकी आव्रजन कानूनों की आलोचना की गई थी।

भारत के विदेश मंत्रालय ने तब इन विचारों को ‘अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और अभद्र’ बताया था। रविवार को अमेरिकी विदेश विभाग ने नस्लवाद के प्रश्न के जवाब में रूबियो की टिप्पणियों को सोशल मीडिया ‘एक्स’पर अन्य टिप्पणियों के साथ पोस्ट किया मगर कुछ घंटों बाद इसे हटा दिया।

रूबियो ने सोमवार को कहा कि उन्होंने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान विशेष रूप से पत्रकार से पूछा था कि वह किसका जिक्र कर रहे हैं मगर लेकिन पत्रकार ने कोई जवाब नहीं दिया।

रूबियो ने कहा,‘असल बात यह है कि आधुनिक युग में आप ऑनलाइन होते हैं तो लोग तरह-तरह की बेतुकी बातें करते नजर आते हैं। मुझे तो यह भी नहीं पता कि वे असली लोग हैं या कौन हैं।’ उन्होंने संकेत दिया कि उन्हें लगता है कि पत्रकार ऑनलाइन की गई टिप्पणियों का जिक्र कर रहा है। रविवार को जयशंकर के साथ अपने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में रुबियो ने जवाब दिया था कि दुनिया के हर देश में बेवकूफ लोग होते हैं जिनमें अमेरिका और भारत भी शामिल हैं। उन्होंने कहा था कि ऐसे लोग हर समय अनर्गल टिप्पणियां करते रहते हैं।

उन्होंने कहा,‘हमारा देश उन लोगों से समृद्ध हुआ है जो हमारे देश में आए हैं, दुनिया भर से हमारे देश में गए हैं, अमेरिकी बन गए हैं, हमारी जीवनशैली में ढल गए हैं और उन्होंने बहुत बड़ा योगदान दिया है।’

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के पिछले कुछ महीनों के प्रयासों के साथ-साथ रूबियो की भारत यात्रा को भारत-अमेरिका के बिगड़े संबंधों को संभालने से जोड़कर देखा जा रहा है। एक निजी टेलीविजन नेटवर्क को दिए साक्षात्कार में रूबियो ने कहा कि भारत के साथ अमेरिका का रणनीतिक गठबंधन ‘चुनिंदा महत्त्वपूर्ण रणनीतिक गठबंधनों’ में से एक है। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर रूबियो ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस मुद्दे पर संभवतः अगले सप्ताह या उसके अगले सप्ताह हस्ताक्षर हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष अंतिम विवरणों पर काम कर रहे हैं। रूबियो ने कहा कि हालांकि, शुल्कों पर बहुत ध्यान दिया जाता है मगर उत्पादों तक पहुंच महत्त्वपूर्म और प्रत्येक व्यापार समझौते को “हर 10, 20, 30 वर्षों में आधुनिक बनाने एवं एवं नया रूप देने की जरूरत होती है।

रूबियो ने कहा,‘मैं कोई निश्चित समयसीमा नहीं बता सकता, लेकिन मुझे लगता है कि इसमें कुछ सप्ताह ही लगेंगे, महीने नहीं।’

आतंकियों के सफाए की उम्मीद

पाकिस्तान द्वारा आतंकवादियों को पनाह देने से जुड़ी भारत की चिंताओं पर रूबियो ने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि वह पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ मिलकर इन बेहद खतरनाक समूहों के खिलाफ कार्रवाई कर सकेगा जो क्षेत्र के लोगों और अमेरिका के हितों के लिए खतरा हैं। रूबियो मंगलवार सुबह ‘क्वाड’ विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे। सोमवार को रूबियो और उनकी पत्नी जेनेट रुबियो ने आगरा में ताजमहल और जयपुर में आमेर किले का दौरा किया।

First Published : May 25, 2026 | 10:36 PM IST