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राम मंदिर दान मामले में SIT को मिला और वक्त, जांच में सामने आ रहे नए खुलासे

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट दान मामले की जांच कर रही SIT का कार्यकाल 15 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है

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भाषा   
Last Updated- July 02, 2026 | 8:30 AM IST

उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के दान और वित्तीय प्रबंधन से संबंधित आरोपों की जांच कर रहे तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का कार्यकाल 15 दिन बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। प्रदेश सरकार ने आरोपों की जांच के लिए 13 जून को एसआईटी का गठन किया था और शुरुआत में उसे 15 दिन का समय दिया था।

आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में दान प्रकरण की जांच कर रहे एसआईटी का कार्यकाल 15 जुलाई बढ़ा दिया है। मामले के विभिन्न पहलुओं से गहन छानबीन के लिए एसआईटी ने मुख्यमंत्री से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था।’

एक अधिकारी ने बताया कि 23 जून को एसआईटी द्वारा प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद 25 जून को मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई और आठ आरोपियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि मामले की गहराई से जांच करने और जांच का दायरा बढ़ाने के लिए एसआईटी का कार्यकाल 15 दिन और बढ़ा दिया गया है।

एसआईटी में लखनऊ के मंडलायुक्त आईएएस विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल है। बयान के मुताबिक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन करने वाले आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि एसआईटी इस प्रकरण में हर पहलू की गहनता और निष्पक्षता से जांच करते हुए सच्चाई सामने लाएगी।

गत 23 जून को एसआईटी के प्रमुख सदस्य लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपा थी, जिसमें कठोर कार्रवाई की सलाह दी गई थी। इन संस्तुतियों के आधार पर 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें आठ नामजद व अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया था। सभी नामजद अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

‘रामराज्य कोष’ लिखा बक्सा बरामद

इस बीच, मामले में एक आरोपी के ठिकाने से पुलिस ने एक बक्सा बरामद किया है, जिस पर ‘रामराज्य कोष’ लिखा है और क्यूआर कोड चिपका हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने अयोध्या के एक योग केंद्र से यह बक्सा बरामद किया है, जहां आरोपी अविनाश शुक्ला पिछले 10 साल से रह रहा था। केंद्र में तैनात योग प्रशिक्षक सुंदर लाल ने बताया कि पुलिस ने 5 जून को छापेमारी कर सीसीटीवी फुटेज की जांच की थी।

उन्होंने बताया कि इसका वीडियो अब वायरल हुआ है। लाल ने कहा, ‘पुलिस अविनाश को साथ लेकर आई थी और हमें उस जगह से बाहर निकाल दिया जहां वह रह रहा था। पुलिस के जाने के बाद हमें पता चला कि अविनाश के पास से पांच लाख रुपये बरामद हुए हैं।’

अधिकरियों के मुताबिक पुलिस को योग केंद्र से जो बक्सा मिला है, उस पर लाल रंग से ‘रामराज्य कोष’ लिखा हुआ था और उस पर एक क्यूआर कोड भी चिपका हुआ था। इस बीच, पुलिस ने रूदौली कोतवाली क्षेत्र के ठाकुरान फगोली गांव के निवासी एक अन्य आरोपी लवकुश मिश्रा के घर पर छापा मारकर सघन तलाशी ली।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक छापेमारी के दौरान पुलिस ने पशुओं के लिए रखे सूखे चारे की तलाशी ली और भूसे के ढेर के अंदर भी देखा। उन्होंने बताया कि इससे पहले 28 जून को भी पुलिस ने मिश्रा के मकान पर जाकर उसके परिजन से पूछताछ की थी। अधिकारियों के मुताबिक पुलिस ने लव कुश के पिता बच्चू लाल मिश्रा को हिरासत में ले लिया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों लवकुश मिश्रा के पास से 14 लाख 25 हजार रुपये, अनुकल्प मिश्रा के पास से 16 लाख 82 हजार रुपये और अविनाश शुक्ला से 20 लाख 39 हज़ार रुपये बरामद किए गए। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा आरोपियों करुणेश पांडे के पास से 18 लाख सात हजार रुपये, रमाशंकर मिश्रा के पास से सात लाख 32 हजार रुपये और रामशंकर यादव टिन्नू के पास से एक लाख रुपये बरामद किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से लगभग 11 ग्राम सोना, लगभग 375 ग्राम चांदी और 1121 डॉलर भी बरामद किए गए हैं। भाषा

First Published : July 2, 2026 | 8:30 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)