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Semicon 2.0: एडवांस चिप डिजाइन के लिए सरकार देगी इक्विटी सपोर्ट, 105 स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा

सरकार ने 15 जुलाई को 1.27 लाख करोड़ रुपये (लगभग 14 अरब डॉलर) के सेमीकॉन 2.0 कार्यक्रम को मंजूरी दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से छह साल तक लागू रहेगी

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- July 19, 2026 | 4:18 PM IST

केंद्र सरकार के 1.27 लाख करोड़ रुपये के सेमीकॉन 2.0 कार्यक्रम के तहत भारतीय कंपनियों को एडवांस सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन के लिए अनुदान के साथ-साथ इक्विटी के रूप में भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (AI) जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के लिए आवश्यक एडवांस चिप विकसित करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया जा सकेगा। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह बात कही है।

एडवांस चिप डिजाइन में भारी निवेश जरूरी

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) के सचिव एस. कृष्णन ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि कि एडवांस चिप डिजाइन के लिए हजारों करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि पहले की डिजाइन-से जुड़ी प्रोत्साहन (DLI) योजना के तहत अधिकतम 15 करोड़ रुपये तक की सहायता मिलती थी, जबकि अत्याधुनिक चिप डिजाइन करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की जरूरत पड़ सकती है।

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सरकार बढ़ाएगी फंडिंग का दायरा

”हम ज्यादा फंडिंग उपलब्ध कराने की मंशा रखते हैं।” कृष्णन ने कहा कि इसके साथ ही सरकार पूरी राशि खुद उपलब्ध नहीं करा सकती। इसलिए सेमीकॉन 2.0 के तहत ऐसी व्यवस्था की जा रही है, जिसमें उद्यम पूंजी निवेशकों (Venture capital investors) या अन्य निवेशकों के साथ सरकार भी सह-निवेश करेगी। उन्होंने कहा कि इससे एक ओर परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कुल पूंजी बढ़ेगी और दूसरी ओर कंपनियों के चयन का काम बाजार आधारित निवेशकों के जरिये होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार उन मान्यता प्राप्त वेंचर कैपिटल फंड्स के साथ सह-निवेश करेगी, जो किसी भारतीय चिप कंपनी में पैसा लगाएंगे। इससे सरकार को स्वयं परियोजनाओं के चयन की आवश्यकता नहीं होगी।

105 स्टार्टअप कर रहे चिप डिजाइन

एडवांस चिप डिजाइन के लिए निवेश की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की गई है। भारतीय सेमीकॉन मिशन के तहत अब तक 105 स्टार्टअप कंपनियों की पहचान की गई है, जो चिप डिजाइन के क्षेत्र में काम कर रही हैं। सरकार का मुख्य जोर देश में मजबूत चिप डिजाइन इकोसिस्टम विकसित करने पर है।

कृष्णन ने कहा कि सेमीकॉन 2.0 के दौरान भारत एडवांस चिप डिजाइन करने की क्षमता हासिल कर सकता है। हालांकि, देश में अत्याधुनिक चिप की मैन्युफैक्चरिंग अभी निकट भविष्य में संभव नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार का लक्ष्य एडवांस चिप बनाने के बजाय उनके डिजाइन और बौद्धिक संपदा (IP) के विकास पर है।

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Semicon 2.0 कार्यक्रम क्या है?

सरकार ने 15 जुलाई को 1.27 लाख करोड़ रुपये (लगभग 14 अरब डॉलर) के सेमीकॉन 2.0 कार्यक्रम को मंजूरी दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से छह साल तक लागू रहेगी। इसके तहत भारतीय चिप कंपनियों को अनुदान, इक्विटी निवेश या रॉयल्टी आधारित भुगतान के माध्यम से प्रोत्साहन दिया जाएगा।

क्या होती है एडवांस चिप?

फिलहाल सात नैनोमीटर या उससे छोटे नोड वाली चिप को एडवांस कैटेगरी का माना जाता है। भारत की पहली चिप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट 28 नैनोमीटर प्रौद्योगिकी से उत्पादन शुरू करेगी, जिसका उपयोग मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में होता है। उन्होंने कहा कि सेमीकॉन 2.0 के माध्यम से भारत को वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन और बौद्धिक संपदा विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है।

 

First Published : July 19, 2026 | 4:16 PM IST