भारत

ममता बनर्जी की पार्टी में बढ़ा सियासी संकट, अब फैसला स्पीकर के हाथ में

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 19 जून को तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर पार्टी विभाजन विवाद पर उनका पक्ष सुनेंगे

Published by
भाषा   
Last Updated- June 18, 2026 | 8:44 AM IST

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी को पार्टी में विभाजन के मुद्दे पर अपना पक्ष रखने के लिए 19 जून को बैठक के लिए आमंत्रित किया है। तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि पार्टी को बुधवार शाम पांच बजे लोक सभा अध्यक्ष कार्यालय से इस संबंध में ईमेल प्राप्त हुआ।

अभिषेक बनर्जी शुक्रवार शाम बिरला से मुलाकात करेंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब तृणमूल के 20 बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय करने के बाद स्वयं को अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की है।

बिरला ने इस मामले में कोई निर्णय लेने से पहले दोनों पक्षों को सुनने का फैसला किया है। अभिषेक बनर्जी ने 10 जून को लोक सभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर अलग गुट होने का दावा करने वाले किसी भी समूह को किसी प्रकार की मान्यता, दर्जा या सहूलियत प्रदान नहीं की जाए। बनर्जी ने पत्र में कहा था कि संविधान और दल-बदल विरोधी कानून किसी मौजूदा दल के भीतर अलग समूह के गठन की अनुमति नहीं देते।

पार्टी के सांसद कीर्ति आजाद और सागरिका घोष ने भी रविवार को बिरला के आवास पर यह पत्र उन्हें सौंपा था। बनर्जी ने इसमें कहा था, ‘तृणमूल कांग्रेस को सदन में उसके विधिवत अधिकृत नेता और मुख्य सचेतक के माध्यम से प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र राजनीतिक दल के रूप में माना जाए तथा किसी भी कथित अलग समूह या गुट को किसी प्रकार की मान्यता देने से इनकार किया जाए।’ भाषा

First Published : June 18, 2026 | 8:44 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)