प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए बैंक में जमा की जाने वाली FCNR(B) रकम पर दी जा रही स्वैप सुविधा को तय समय से पहले बंद करने का फैसला किया है। RBI ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि इस सुविधा को लोगों और बैंकों से अच्छा जवाब मिला है। इसके चलते देश में विदेशी मुद्रा की अच्छी मात्रा आई है। इसी वजह से अब इस सुविधा की अवधि घटाई जा रही है।
नए फैसले के मुताबिक, बैंक अब केवल 31 अगस्त 2026 तक जुटाई गई FCNR(B) जमा रकम पर ही RBI से स्वैप की सुविधा ले सकेंगे। इसके लिए RBI से स्वैप कराने की आखिरी तारीख 11 सितंबर 2026 तय की गई है।
पहले तय नियम के मुताबिक, बैंक 30 सितंबर 2026 तक FCNR(B) जमा जुटा सकते थे। वहीं, इन जमा रकम के बदले RBI से स्वैप कराने की सुविधा 16 अक्टूबर 2026 तक मिलनी थी। यानी अब जमा जुटाने की समयसीमा करीब एक महीने पहले और स्वैप कराने की सुविधा करीब पांच हफ्ते पहले खत्म हो जाएगी।
Also Read: भारत के निर्यात में जोरदार उछाल, FTA साझेदार देशों को सामान भेजना दोगुने से ज्यादा बढ़ा
RBI के आंकड़ों के मुताबिक, 13 अगस्त 2026 तक इस पूरी सुविधा के तहत देश में 56.85 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा आई थी। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा FCNR(B) जमा का था। इसके जरिए 52.3 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा आई।
इसके अलावा विदेश से विदेशी मुद्रा में लिया गया कर्ज यानी OFCB के जरिए 2.81 अरब डॉलर और कंपनियों के विदेश से लिए गए कर्ज यानी ECB के जरिए 1.74 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा आई।
RBI ने FCNR(B) जमा पर यह स्वैप सुविधा 5 जून को घोषित की थी और 8 जून से इसे लागू कर दिया गया था। इसके तहत बैंकों को 3 से 5 साल की अवधि के लिए नई FCNR(B) जमा जुटाने की अनुमति दी गई थी।
बैंकों को इन जमा के जरिए मिले डॉलर को RBI के साथ मौजूदा विनिमय दर पर बदलने की सुविधा दी गई थी। इसका मकसद बैंकों के पास आने वाली विदेशी मुद्रा को बढ़ाना था।
हालांकि, कंपनियों के विदेश से लिए गए कर्ज और बैंकों के विदेश से विदेशी मुद्रा में लिए गए कर्ज के लिए दी गई स्वैप सुविधा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह सुविधा पहले की तरह 31 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी।