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RBI गवर्नर के बयान से बॉन्ड बाजार को राहत, 10 साल की यील्ड तीन महीने के निचले स्तर पर

10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6 आधार अंक घटकर 6.80 फीसदी रह गई जो इस साल 20 मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर है

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अंजलि कुमारी   
Last Updated- June 24, 2026 | 11:48 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा के बयान के बाद सरकारी बॉन्ड यील्ड में आज खासी गिरावट आई। उन्होंने कहा था कि ब्याज दरें बढ़ाने पर चर्चा करना अभी जल्दबाजी होगी। इससे बॉन्ड बाजार को राहत मिली। डीलरों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भी बॉन्ड यील्ड में नरमी आई।

10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6 आधार अंक घटकर 6.80 फीसदी रह गई जो इस साल 20 मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर है।

आरबीआई गवर्नर ​​ने कहा, ‘अगर यह पक्का होता कि आने वाले महीनों में हम दरें बढ़ाएंगे तो हम अपना रुख तटस्थ से बदलकर सख्त कर लेते। लेकिन हमने ऐसा नहीं किया।’ उन्होंने कहा, ’हमने ऐसा इसलिए नहीं किया क्योंकि अभी बहुत ज्यादा अनिश्चितता है।’

मल्होत्रा ने कहा कि भू-राजनीतिक घटनाक्रम से पैदा हुई अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है और प​श्चिम एशिया में हाल की घटनाओं के बाद कच्चे तेल की कीमतों से जुड़े जोखिम कम हुए हैं। उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति समिति तेल की कीमतों और मॉनसून की प्रगति दोनों पर बारीकी से नजर रख रही है।

अभी तक मॉनसूनी बारिश सामान्य से कम रही है लेकिन मल्होत्रा ​​ने कहा कि भारत के पास अनाज का पर्याप्त बफर स्टॉक है और खाद्य सुरक्षा के नजरिये से चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि आगे चलकर वृद्धि और महंगाई पर असर वर्षा के वितरण पर निर्भर करेगा।

बाजार के भागीदारों ने कहा कि ओवरनाइट इंटरेस्ट स्वैप (ओआईएस) बाजार में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी ने भी बॉन्ड को मजबूती दी। पांच साल की ओवरनाइट इंडेक्स्ड स्वैप दर 6.18 फीसदी पर बंद हुई जो पहले 6.26 फीसदी थी।

एक प्राइमरी डीलरशिप के एक डीलर ने कहा, ‘कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और आरबीआई गवर्नर के यह कहने के बाद कि अभी ब्याज दरें बढ़ाना जल्दबाजी होगी, लोगों का भरोसा बढ़ा है। विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी से भी बॉन्ड की कीमतों को सहारा मिला है। पांच साल की ओवरनाइट इंटरेस्ट स्वैप दर घटकर लगभग 6.15 फीसदी रह गई है।’

ब्रेंट क्रूड का दाम 77.09 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 75.52 डॉलर प्रति बैरल रह गया। डीलरों ने कहा कि बाजार के कुछ भागीदार बॉन्ड इंडेक्स में शामिल होने से जुड़े अतिरिक्त प्रवाह की संभावना के लिए भी तैयारी कर रहे थे जिससे सकारात्मक माहौल बना।

ट्रेडरों का कहना है कि बेंचमार्क 10 वर्षीय बॉन्ड की यील्ड को 6.78 से 6.79 फीसदी के दायरे में प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है। उनका कहना है कि तकनीकी संकेतक बताते हैं कि अगर यील्ड इन स्तर के करीब पहुंचती है तो बाजार में गिरावट आ सकती है।

रुपया 94.74 प्रति डॉलर के पिछले बंद भाव के मुकाबले 94.66 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदों के चलते डॉलर इंडेक्स 101.17 से बढ़कर 101.62 हो गया।

First Published : June 24, 2026 | 11:48 PM IST