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HDFC Bank के बोर्ड ने अपने ही अधिकारियों पर की कार्रवाई, MD-CFO पर लगाया 1-1 लाख रुपये का जुर्माना

बोर्ड ने बैंक के एमडी एवं सीईओ शशिधर जगदीशन, सीएफओ श्रीनिवास वैद्यनाथन और खुदरा परिसंपत्ति के समूह प्रमुख अरविंद वोहरा पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है

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सुब्रत पांडा   
Last Updated- July 27, 2026 | 11:08 PM IST

एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने 2017 से 2021 के दौरान महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) से धन जुटाने के मामले में तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर जुर्माना लगाया है। बोर्ड ने बैंक के एमडी एवं सीईओ शशिधर जगदीशन, सीएफओ श्रीनिवास वैद्यनाथन और खुदरा परिसंपत्ति के समूह प्रमुख अरविंद वोहरा पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही उनके खिलाफ चेतावनी पत्र भी जारी किया है। देश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े इस बैंक ने अपने स्वतंत्र निदेशकों की विशेष अनुशासनात्मक समिति की आंतरिक समीक्षा प्रक्रिया के निष्कर्षों पर उठाए गए कदम की सोमवार को जानकारी दी।  

बैंक ने आज जारी एक बयान में कहा, ‘स्वतंत्र निदेशकों की विशेष अनुशासनात्मक समिति की सिफारिशों के आधार पर 23 जुलाई, 2026 को हुई बैठक में बोर्ड ने निष्कर्ष निकाला कि इसमें शामिल कर्मचारियों का आचरण दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई, व्यक्तिगत लाभ या अनुचित उद्देश्य के बजाय व्यावसायिक अतिरेक था।’

बैंक ने बताया, ‘बोर्ड ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों- प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, मुख्य वित्तीय अधिकारी खुदरा परिसंपत्ति के समूह प्रमुख- को चेतावनी पत्र जारी करने के साथ-साथ 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला किया। यह कार्रवाई भारतीय रिजर्व बैंक के लागू निर्देशों में किसी भी संभावित अंतर को ध्यान में रखते हुए और स्वतंत्र निदेशकों की विशेष अनुशासनात्मक समिति की सिफारिशों के आधार पर की गई है। इसके अलावा बैंक के अन्य कर्मचारियों को चेतावनी पत्र जारी किया। बोर्ड ने निर्देश दिया कि मामले को भारतीय रिजर्व बैंक को सूचित किया जाए।’

यह मामला तब उजागर हुआ जब ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ अखबार ने दावा किया कि बैंक की आंतरिक जांच से पता चला है कि वित्त वर्ष 2024 और 2025 में ‘डिफरेंशल ब्याज’ के रूप में वर्गीकृत विपणन व्यय के जरिये लगभग 45 करोड़ रुपये महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम को भुगतान किए गए। मगर एचडीएफसी बैंक ने इस आरोप का खंडन किया। उसने कहा कि सभी मामलों को तय नियमों के तहत निपटाया जाता है।

एचडीएफसी बैंक ने एक बयान में कहा, ‘बैंक के पास मजबूत आंतरिक निरीक्षण, लेखा परीक्षा और नियंत्रण प्रक्रियाएं एवं प्रणालियां हैं। बैंक के स्थापित मानदंडों के अनुसार सभी मुद्दों को निपटाया जाता है और किसी भी आंतरिक समीक्षा के बाद अंतिम निर्धारण से पहले हमेशा पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाता है। हम चुनिंदा सामग्री के आधार पर किसी भी गलत काम या उत्तरदायित्व की धारणाओं को दृढ़ता से अस्वीकार करते हैं।’

बोर्ड ने एमडी एवं सीईओ पर कार्रवाई ऐसे समय में की है जब जगदीशन का कार्यकाल इसी साल अक्टूबर में समाप्त हो रहा है और उनकी पुनर्नियुक्ति होनी है। एचडीएफसी बैंक के डिप्टी एमडी कैजाद जगदीशन को 2020 में तीन साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया था और 2023 में उन्हें तीन साल का सेवा विस्तार दिया गया था।

एचडीएफसी बैंक के पूर्व अंशकालिक चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने मार्च के मध्य में इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि बैंक में कुछ घटनाएं और प्रथाएं उनके मूल्यों एवं नैतिकता के अनुरूप नहीं थे। तभी से बैंक को प्रशासन संबंधी सवालों का सामना करना पड़ रहा है।

First Published : July 27, 2026 | 11:07 PM IST