अर्थव्यवस्था

कुछ ही हफ्तों में होगा भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, अंतिम चर्चा के लिए दिल्ली आ रहा अमेरिकी दल: गोर

गोर ने बताया कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की दल अगले सप्ताह नई दिल्ली आ रहा है ताकि व्यापार के अंतिम एक प्रतिशत' पर चर्चा और अंतिम रूप दिया जा सके

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आशीष आर्यन   
Last Updated- May 29, 2026 | 9:55 PM IST

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अगले ‘कुछ हफ्तों और महीनों’ में अंतिम रूप ले लेगा और उस पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। यह जानकारी भारत में अमेरिका के  राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को दी।

गोर ने बताया कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की दल अगले सप्ताह नई दिल्ली आ रहा है ताकि व्यापार के अंतिम एक प्रतिशत’ पर चर्चा और अंतिम रूप दिया जा सके। राजदूत ने यूएस-इंडिया ट्रस्ट इनिशिएटिव में अनुसंधान और नवाचार में साझेदारी को बढ़ावा देने के मुद्दे पर कहा कि अमेरिका और भारत एक-दूसरे के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों में बने हुए हैं।

गोर ने कहा, ‘महत्त्वपूर्ण बात यह है कि यह डिजिटल व्यापार और उन्नत विनिर्माण से लेकर ऊर्जा और उभरती प्रौद्योगिकियों तक, नवाचार, निवेश और उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों द्वारा तेजी से संचालित हो रहा है।’

उन्होंने कहा कि व्यापार में यह वृद्धि न केवल दोनों देशों की बड़ी कंपनियों को लाभ पहुंचा रही है, बल्कि स्टार्टअप्स और व्यक्तिगत उद्यमियों की भी मदद कर रही है।

गोर ने कहा कि भारत में विशेष रूप से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसे उच्च शिक्षा संस्थानों में उच्चतम स्तर पर तकनीकी नवाचार अगले दो, पांच और दस वर्षों में दुनिया के सामने दिखाई देगा। 

उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ नवाचार दुनिया भर के लोगों के लिए जीवन बदलने वाले हो सकते हैं। गोर ने बताया, ‘महत्त्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियां वैश्विक शक्ति संतुलन को नया आकार दे रही हैं। मेरा मानना है कि इस दिशा में नेतृत्व करने के लिए हमारे जैसी कोई बेहतर साझेदारी नहीं ।’ 

उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच की साझेदारी 21वीं सदी की परिभाषित रणनीतिक साझेदारी होनी चाहिए, जो दोनों देशों के लोगों के लिए वास्तविक रूप में लाभ प्रदान करे।

गोर ने कहा कि अमेरिका भारत की क्षमता को समझता है, जो अमेरिका के न केवल आर्थिक बल्कि रणनीतिक रूप से भी विकास के कारण है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत जैसे उन देशों के साथ ही साझेदारी करना चाहते हैं जिन पर अमेरिका पक्का भरोसा करता है।

First Published : May 29, 2026 | 9:45 PM IST