काम परदेसियों का, निपटाएंगे देस में!

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 12:05 AM IST

सिकुड़ रहे मुनाफे को देखते हुए भारतीय आईटी कंपनियों ने अब विदेश से ज्यादा से ज्यादा काम देश में लाकर करने पर जोर देना शुरू कर दिया है।
इन कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी, इन्फोसिस टेक्नोलॉजिज, विप्रो टेक्नोलॉजिज और एचसीएल टेक्नोलॉजिज शामिल हैं। कंपनियों का कहना है कि विदेश में काम करने के बजाए उस काम को भारत लाकर करने पर जहां लागत कम आती है, वहीं कंपनियों (ग्राहकों) को खर्च भी कम करना पड़ता है।
पहले देश और विदेश में काम का अनुपात 70 और 30 का था, जो अब 85 और 15 का हो गया है। दरअसल, मंदी की वजह से ग्राहक काम का ज्यादा कीमत चुकाने को तैयार नहीं हैं, ऐसे में आईटी कंपनियों को यह कदम उठाना पड़ा है।
आईटी कंपनियों को विदेशों में एक शाखा स्थापित करने में भारत की तुलना में ढाई गुना अधिक खर्च करना पड़ता है, क्योंकि वहां कर्मचारियों को वेतन डॉलर, यूरो या पाउंड में देना पड़ता है, जबकि भारत में रुपये में भुगतान होता है।
टीसीएस के मुख्य परिचालन अधिकारी एन. चंद्रशेखरन का कहना है कि तीसरी तिमाही में कंपनी को 106 बेसिस प्वॉइंट के आधार पर विदेशों से काम मिला है, वहीं काम की मात्रा भी करीब 2.42 फीसदी बढ़ी है।
भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी इन्फोसिस का कहना है कि ऑफशोर वॉल्यूम में करीब 3.3 फीसदी की बढ़ातरी हुई है, जबकि ऑनशोर वॉल्यूम में 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
कंपनी के राजस्व में भी इसकी वजह से इजाफा हुआ है। इस बीच, फ्रांस और जर्मनी की प्रमुख दूरसंचार कंपनियों ने अपने बजट में कटौती की घोषणा की है, जिसकी वजह से वे आईटी कार्यों के लिए ऑफशोर कंपनियों पर ध्यान लगा रही हैं।
विदेश से भारत में काम लाने पर आईटी कंपनियों का मार्जिन भी कुछ कम हो सकता है। दरअसल, ऑनसाइट से भारत में काम लाने पर ग्राहक ऑनसाइट की तुलना में आधा रकम ही खर्च करना चाहते हैं।
माइंडप्लेक्स कंसल्टिंग के निदेशक और सह-संस्थापक सब्यसाची सत्पथी का कहना है कि आईटी कंपनियों को विदेशों से भारत में काम लाना मजबूरी हो गई है, क्योंकि एक तो काम की मात्रा घट गई है, वहीं ग्राहक कंपनियां भी अपना लागत कम करने में लगी हुई हैं।
थोलोन्स के सीईओ और चेयरमैन अविनाश वशिष्ठ का कहना है कि आईटी कंपनियों का मुनाफा इसलिए भी घटा है, क्योंकि कई ग्राहक कंपनियां अपनी परियोजनाओं को टाल रही हैं, वहीं कुछ लागत कम करने में लगी हुई हैं। ऐसे में आईटी कंपनियों को भी अपना लागत कम करने के लिए यह उपाय अपनाना पड़ रहा है।

First Published : February 5, 2009 | 3:20 PM IST