होंडा मोटरसाइकल में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 2:12 AM IST

होंडा मोटरसाइकल ऐंड स्कूटर्स इंडिया (एचएमएसआई) अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) लाई है। कंपनी ने मंगलवार को अपने कर्मचारियों से कहा कि अनिश्चितता भरे इन हालात में कामकाज बेहतर करने और उत्पादन रणनीति को हालात के मुताबिक ढालने के लिए यह जरूरी हो गया है। 40 वर्ष से अधिक उम्र के या 10 वर्ष तक कंपनी के साथ काम कर चुके कर्मचारी इस योजना के दायरे में आएंगे।
भारत में 20 साल से कारोबार कर रही एचएमएसआई ने पहली बार वीआरएस की पेशकश की है। इससे पता चलता है कि दुनिया के सबसे बड़े स्कूटर और मोटरसाइकल बाजार भारत में कोविड की कितनी मार पड़ी है। चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में भारत में दोपहिया वाहनों की बिक्री में एक चौथाई से अधिक कमी आई। इस अवधि में केवल 96 लाख दोपहिया बिके, जबकि पिछले वित्त वर्ष के शुरुआती आठ महीनों में 1.28 करोड़ दोपहिया बिक गए थे।
मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि कंपनी मानेसर संयंत्र में ऐक्टिवा का उत्पादन घटा रही है और आने वाले समय में एक्टिवा का उत्पादन किसी अन्य संयंत्र में होगा। मानेसर में केवल बाइक बनेंगी। एचएमएसआई ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में उत्पादन रणनीति बदलने के बारे में विस्तार से कुछ नहीं कहा। मानेसर (हरियाणा), अलवर (राजस्थान), नरसापुरा (कर्नाटक) और वि_लपुर (गुजरात) में कंपनी के कारखाने हैं, जिनकी कुल सालाना विनिर्माण क्षमता 64 लाख है।
एचएमएसआई में प्रभाग प्रमुख (सामान्य काम-काज) नवीन शर्मा ने कहा, ‘प्रतिस्पद्र्धा से भरपूर दोपहिया बाजार में बने रहने के लिए अधिक दक्षता के साथ काम करना होगा और प्रतिस्पद्र्घात्मकता भी बनाए रखनी होगी। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए उन सभी साथियों के लिए वीआरएस पेश की है, जो समय से पहले कंपनी से सेवामुक्त होना चाहते हैं।’ कर्मचारियों को भेजी चिट्ठी बिजनेस स्टैंडर्ड ने देखी है। शर्मा ने लिखा कि कंपनी के निदेशक इस योजना के पात्र नहीं हैं। 5 जनवरी से शुरू हुई यह योजना 23 जनवरी तक लागू रहेगी। लेकिन पत्र में कहा गया है कि कंपनी पहले से बताए बगैर ही योजना में बदलाव कर सकती है या उसकी अवधि बढ़ा सकती है।
एचएमएसआई वीआरएस के तहत कर्मचारी को सेवा के पूरे हुए हरेक वर्ष के एवज में तीन-तीन महीने का पूरा वेतन, सेवा के बचे हुए प्रत्येक वर्ष के लिए एक-एक महीने का मूल वेतन एवं महंगाई भत्ता देगी। इसके अलावा नौकरी में पूरे हुए हरेक साल के लिए 22,000 रुपये का मुआवजा भी मिलेगा। वीआरएस के लिए सबसे पहले आने वाले 400 कर्मचारियों को 5-5 लाख रुपये अलग से भी मिलेंगे। चिट्ठी में कहा गया है कि 400 से अधिक कर्मचारी वीआरएस लेते हैं तो हरेक को 4-4 लाख रुपये अलग से मिलेंगे। कंपनी ने स्थायी कामगार और कनिष्ठ अभियंता तथा इससे ऊपर के पदों पर काम करने लोगों के लिए के लिए अधिकतम रकम भी तय कर दी है। उदाहरण के लिए वरिष्ठ प्रबंधक या उपाध्यक्ष के लिए 72 लाख, प्रबंधक के लिए 67 लाख, उप-प्रबंधक के लिए 48 लाख और सहायक अधिकारी के लिए 15 लाख रुपये तय हुए हैं।

First Published : January 6, 2021 | 11:25 PM IST