टाटा मोटर्स को भी सता रही है नकदी की किल्लत

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 12:11 AM IST

देश की सबसे बड़ी बस और ट्रक निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स लिमिटेड भी नकदी की कमी के कारण अपने वेंडर्स को समय पर भुगतान नहीं कर पा रही है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक रविकांत ने इस बात को स्वीकार किया है कि कंपनी वेंडर्स को भुगतान में देरी हो सकती है। उन्होंने बताया, ‘भुगतान में कुछ देरी हो सकती है। यह संकट का समय है। पूरा उद्योग दिक्कतों का सामना कर रहा है।’ उन्होंने बताया कि कंपनी नकदी की कमी से जूझ रही है।
रविकांत ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि बैंकों से पैसे लेकर कंपनी ने वेंडर्स की बकाया राशि का तीन-चौथाई हिस्सा चुकाया है। उन्होंने कंपनी के पास मौजूद नकदी का खुलासा नहीं किया।
एक दिसंबर 2008 से कंपनी ने टाटा मोटर्स सावधि जमा योजना में 610 करोड़ रुपये जुटाए हैं। उनका कहना है, ‘हमने एक वेंडर परिषद का गठन किया था। हमारी वेंडर्स के साथ हर समस्या पर बातचीत चल रही है।’

First Published : February 6, 2009 | 1:49 PM IST