ताज होटल चलाने वाली टाटा समूह की कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) अपने कारोबारी उत्पादों का जखीरा बढ़ाने जा रही है।
कंपनी विस्तार की अपनी योजना के तहत अब सर्विस अपार्टमेंट के कारोबार में कदम रखने वाली है और साथ ही अपने वन्यजीवन से जुड़े रिजॉर्ट की संख्या में इजाफा भी करेगी।
लगभग अगले चार साल में होटलों में कमरों की संख्या दोगुनी कर 20,000 से अधिक पहुंचाने की अपनी रणनीति के तहत आईएचसीएल नई परियोजनाओं के साथ-साथ प्रबंधन करारों का रास्ता अपनाएगी।
उद्योग सूत्रों के अनुसार कंपनी देश के विभिन्न शहरों में लगभग 700 सर्विस अपार्टमेंट बनाने की संभावनाओं को तलाशने के लिए बातचीत कर रही है।
कंपनी की यह योजना मौजूदा वर्ष के दौरान साकार रूप ले सकती है, जिसके साथ-साथ कंपनी ऐसे दूसरे फॉर्मेट भी शुरू कर रही है, जिसके लिए मांग देखी जा रही है।
एक उद्योग विशेषज्ञ का कहना है, ‘स्पा और वन्यजीवन से सटे रिजॉर्ट की ओर विकास के नजरिये से तेजी से ध्यान बढ़ रहा है।’ अपने बजट होटल ‘जिंजर’ ब्रांड से कंपनी को मिली सफलता के बाद वह इन दो नए कारोबारों की ओर ध्यान दे रही है।
कंपनी के जिंजर होटल छोटे शहरों जैसे मैसूर, पुड्डुचेरी, अगरतला, हरिद्वार और दुर्गापुर में हैं। इस होटल शृंखला में लगभग 3,500 और कमरों के बढ़ने की उम्मीद है। आईएचसीएल ने सीसी अफ्रीका के साथ मिल कर हाल में मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ और पेंच दो वन्यजीवन लॉज बनाए हैं।
कंपनी से जुड़े एक स्रोत का कहना है, ‘तीन और जगहें लॉज के लिए चुनी गई हैं और उम्मीद है कि वे जल्द ही पर्यटकों के लिए शुरू हो जाएंगी।’ जहां कंपनी नए कारोबारों को शुरू करने वाली है, वहीं साथ-साथ वह अपने अंतरराष्ट्रीय परिचालन कार्यों में भी विस्तार कर रही है।
कंपनी के एक सूत्र के मुताबिक कंपनी विदेशों का भी रुख कर रही है। उसके मुताबिक आईएचसीएल दुबई और सारया द्वीप में 2 प्रबंधन करार हासिल करनें के अलावा फुकेट और दक्षिण अफ्रीका में भी होटल बना रही है।