टी रो प्राइस को बनाया गया प्रतिवादी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 14, 2022 | 10:33 PM IST

वैश्विक परिसंपत्ति प्रबंधक टी रो को यूटीआई ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी और उसके कर्मचारी संगठन से जुड़े एक मामले में अदालत में ले जाया गया है।

बंबई उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह एक आदेश जारी कर, टी रो प्राइस को यूटीआई की हिस्सेदारी बिक्री से संबंधित लिखित याचिका में प्रतिवादी (प्रभावित पक्ष के तौर पर उसके विचार सुनने के लिए) के तौर पर अभियोजित किया था।

जनवरी 2020 में, यूटीआई एमएफ के चार प्रायोजकों – एसबीआई, पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी), बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) और एलआईसी – ने यूटीआई एएमसी और यूटीआई ट्रस्टी कंपनी में बगैर किसी सार्वजनिक सूचना और सार्वजनिक बोलियां आमंत्रित किए बिना अघोषित वैल्यू में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची थी। इस हिस्सेदारी बिक्री को बाद में ऑल इंडिया यूटीआई एएमसी ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा 2015 में बंबई उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी।

इस साल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने आईपीओ से पहले लिखित याचिका की जल्द सुनवाई और टी रो प्राइस को प्रतिवादी के तौर पर अभियोजित करने के लिए अंतरिम आवेदन दिया था।

एसोसिएशन का कहना है कि प्रायोजकों ने आईपीओ के जरिये अपनी हिस्सेदारी घटाने का निर्णय लिया है। उसने उन ताजा मीडिया खबरों पर भी ध्यान दिया जिनमें इन प्रायोजकों द्वारा यूटीआई ट्रस्टी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी टी रो प्राइस को बेचने की संभावना के बारे में बताया गया था।

टी रो प्राइस से तुरंत प्रतिक्रिया हासिल नहीं की जा सकी है। 2000 के दशक के शुरू में पुनर्गठन के बाद, यूटीआई ट्रस्टी कंपनी को यूअीआई एमएफ की ट्रस्टी के तौर पर नियुक्त किया गया था, जबकि एसबीआई, पीएनबी, एलआईसी और बीओबी को प्रायोजक बनाया गया था। यूटीआई एएमसी गुरुवार को बीएसई पर करीब 2 प्रतिशत गिरकर 499.05 रुपये पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स में 2.6 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।

First Published : October 16, 2020 | 1:11 PM IST