सॉफ्टवेयर विकास के मैदान में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी ओरेकल कॉर्पोरेशन ने सन माइक्रोसिस्टम्स को खरीदने का फैसला कर लिया है।
कंपनी सर्वर और ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने में माहिर सन माइक्रो की खरीद पर तकरीबन 740 करोड़ डॉलर यानी लगभग 37,000 करोड़ रुपये नकद खर्च करेगी।
दोनों कंपनियों की ओर से आज इस बारे में जानकारी दी गई। हालांकि सन के अधिग्रहण के लिए कई कंपनियां पिछले कुछ समय से योजना बना रही थीं। इंटरनैशनल बिजनेस मशीन्स (आईबीएम) कॉर्पोरेशन के साथ तो सन की बातचीत काफी आगे बढ़ी थी, लेकिन परवान नहीं चढ़ सकी।
ओरेकल ने इसके लिए सन को 9.50 डॉलर प्रति शेयर के भाव से रकम अदा करने का फैसला किया है। सन माइक्रो के बोर्ड ने भी इस सौदे को एकमत से स्वीकार कर लिया है। दोनों कंपनियों ने एक बयान में कहा कि इस अधिग्रहण से पहले साल में उसके परिचालन लाभ में तकरीबन 150 करोड़ डॉलर का इजाफा हो जाएगा।
इस अधिग्रहण से ओरेकल को सन की जावा प्रौद्योगिकी और सोलारिस ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर भी हासिल हो जाएगा। सोलारिस माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज और लिनक्स सॉफ्टवेयर को कड़ी टक्कर देता है।
ओरेकल 2005 से अब तक तमाम अधिग्रहण सौदों पर 3,450 करोड़ डॉलर की रकम खर्च कर चुकी है और उसे दुनिया की सबसे ज्यादा अधिग्रहण करने वाली कंपनी का तमगा भी मिल गया है।
इस मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि आईबीएम पिछले महीने तक सन के साथ सौदे की बातचीत आगे बढ़ा रही थी, आईबीएम ने शेयर की कीमत 9.40 डॉलर लगाई थी, जिससे बात बन नहीं सकी।
सन पर कब्जा
ओरेकल 740 करोड़ डॉलर में खरीदेगी सन माइक्रो को
प्रति शेयर 9.50 डॉलर के भाव से लगाई कीमत
आईबीएम ने लगाया था 9.40 डॉलर का भाव
ओरेकल का परिचालन लाभ बढ़ेगा 150 करोड़ डॉलर