सुभिक्षा के प्रमुख निवेशकों ने कहा है कि कंपनी के संगठन की धारा के आधार पर आर. सुब्रमण्यन की नियुक्ति प्रबंध निदेशक के पद पर की गई है और शेयरधारकों की वोटिंग के जरिये ही उन्हें पद से हटाया जा सकता है।
इसके लिए कुल शेयरधारकों की तीन-चौथाई वोट की जरूरत होगी। प्रमुख निवेशकों आईसीआईसीआई वेंचर, अजीम प्रेमजी और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के पास कुल मिलाकर सुभिक्षा की 38 फीसदी हिस्सेदारी है, जो सुब्रमण्यन को हटाने के लिए पर्याप्त नहीं है।
निवेशकों ने स्पष्ट किया है कि वे जब तक चाहे, कंपनी के प्रबंध निदेशक के पद पर बने रह सकते हैं, क्योंकि उनके पास कंपनी की 59 फीसदी हिस्सेदारी है। इसलिए अगर उन्हें हटाने की बात भी होगी, तो इसके लिए विशेष उपबंध की जरूरत पड़ेगी।