एफएमसीजी में खप गई मंदी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 9:25 PM IST

शीतल पेय बनाने वाली कंपनी कोका कोला को मंदी से शिकवा नहीं है। इसकी वजह चालू कैलेंडर वर्ष की पहली तिमाही का कारोबार है।
एफएमसीजी कंपनियों को इस तिमाही के दौरान कारोबार में 25 फीसदी इजाफे की उम्मीद है, जबकि पिछले वर्ष इसी तिमाही में कारोबार केवल 10 फीसदी बढ़ा था।
भारत में कोक के प्रवक्ता ने बताया, ‘हमें अच्छी बढ़ोतरी दिख रही है। खास तौर पर सरकार ने दिसंबर में उत्पाद शुल्क 14 फीसदी से घटाकर 9 फीसदी करने का जो कदम उठाया, उससे हमें बहुत फायदा हुआ। इसके अलावा हम अपनी कोल्ड स्टोरेज सुविधा भी बढ़ा रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को हमारे उत्पाद मिल सकें।’
डिब्बाबंद चाय, रेडी टु ईट खाद्य पदार्थ, पैकेटबंद चावल, हेयर ऑयल, बिस्किट और सर्फ-साबुन जैसे उत्पाद चालू तिमाही में जबरदस्त तरीके से बिक रहे हैं और उन पर मंदी का कोई असर नहीं दिख रहा है।
देश की सबसे बड़ी रिटेल शृंखला फ्यूचर समूह के चेयरमैन किशोर बियाणी बताते हैं कि उनके स्टोरों में एफएमसीजी उत्पादों की बिक्री 15 फीसदी बढ़ी है, जबकि गैर खाद्य और गैर एफएमसीजी उत्पादों की बिक्री महज 5 फीसदी बढ़ती दिखी है। वह कहते हैं, ‘ऐसे ग्राहक जो पहले केवल ब्रांडेड उत्पाद ही खरीदते थे, अब उन उत्पादों की तरफ मुड़ रहे हैं, जो जिंदगी के लिए बेहद जरूरी हैं। मंदी इस क्षेत्र में नहीं फटक रही है।’
ब्रांडेड खाद्य तेल बेचने वाली नामी कंपनी के एस ऑयल्स ने पिछले साल की पहली तिमाही के मुकाबले इस बार बिक्री में 25 फीसदी का इजाफा दर्ज किया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक संजय अग्रवाल ने कहा, ‘भारत में आम तौर पर सालाना 2 किलोग्राम प्रति व्यक्ति सरसो के तेल की खपत होती है। शहर में ये आंकड़े बरकरार हैं, लेकिन गांव में इनमें इजाफा हो रहा है। इसके अलावा सरसो के तेल की कीमत 20 फीसदी कम भी हुई है, इसलिए गांवों में खतप बढ़ी है।’
ब्रांडेड बासमती चावल बेचने वाली कंपनी कोहिनूर फूड्स के प्रबंध निदेशक गुरनाम अरोड़ा ने कहा, ‘2008 की आखिरी तिमाही में कीमतें बढ़ गईं, जिससे ग्राहक बासमती चावल छोड़कर चले गए। लेकिन कीमत कम होने के साथ ही ग्राहक वापस आने लगे हैं।’
डिब्बाबंद चाय बनाने वाली कंपनी टि्वनिंग्स इंडिया के कंट्री हेड सुरेश अय्यर के मुताबिक 60 फीसदी बाजार बिना ब्रांड की चाय पीने वालों का है, लेकिन अब वे ब्रांड की तरफ बढ़ रहे हैं। बिस्किट, मसाले, आलू चिप्स, स्नैक्स बनाने वाली कंपनी आईटीसी फूड्स के कारोबार में जनवरी-फरवरी में 15-16 फीसदी का इजाफा हुआ है।
कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘ग्राहक टीवी जैसे उत्पाद खरीदना रोक रहे हैं और हमारे उत्पादों पर पहले की तरह खर्च कर रहे हैं। इसके अलावा बिना ब्रांड के उत्पाद इस्तेमाल करने वाले ग्राहक भी अब हमें मिल रहे हैं।’
मैरिको इंडस्ट्रीज के हेयर ऑयल की बिक्री में भी 12 फीसदी का इजाफा हुआ है। कंपनी के मुताबिक ग्राहक खरीदारी कम नहीं कर रहे हैं। छोटे शहरों में तो वेतन पर भी खास फर्कनहीं पड़ा है, इसलिए बाजार कायम है।
जिंस की कीमतें कम होने से बिस्किट, चिप्स, स्नैक्स बनाने वाली कंपनियों को हुआ है काफी फायदा। आईटीसी फूड्स के कारोबार में इस साल जनवरी-फरवरी के दौरान ही देखी गई है 15 से 16 फीसदी की बढ़ोतरी, बेहतरी की उम्मीद।
मैरिको इंडस्ट्रीज के हेयर ऑयल की बिक्री में 12 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। इसकी वजह ग्राहकों का लक्जरी उत्पाद छोड़कर अपनी कमाई को जरूरत के उत्पादों में लगाना रही है। छोटे शहरों में वेतन कम नहीं होना भी मददगार रहा है।
कोका कोला जैसी शीतल पेय बनाने वाली कंपनियों को चालू कैलेंडर वर्ष की पहली तिमाही में कारोबार 25 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। उत्पाद शुल्क में कटौती के सरकार के फैसले और नई वितरण नीति से भी कंपनी को हुआ खासा फायदा।

First Published : March 26, 2009 | 1:11 PM IST