प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। RRPइलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने एडवांस्ड इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स कंपनी ‘ओर्विस सेमी’ (Orvis Semi) के साथ हाथ मिलाया है। इस साझेदारी का मकसद है देश के लिए अगली पीढ़ी की ‘लो-लाइट इमेजिंग टेक्नोलॉजी’ विकसित करना, जो विशेष रूप से डिफेंस और सर्विलांस के काम आएगी।
ओर्विस सेमी, आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर मुकुल सरकार के मार्गदर्शन में ऐसे ‘सीएमओएस’ (CMOS) आधारित सेंसर बना रही है, जो कम रोशनी में भी स्पष्ट तस्वीरें लेने में सक्षम हैं। ये सेंसर इंटेलिजेंट सर्विलांस डिवाइस की तरह काम करते हैं। पारंपरिक पुरानी तकनीक की तुलना में ये सेंसर ज्यादा एडवांस हैं और इन्हें आसानी से बड़े पैमाने पर भारत में ही बनाया जा सकता है।
Also Read: महंगा कच्चा माल… फिर भी रिकॉर्ड कमाई! आखिर कंपनियां कर क्या रही हैं?
महाराष्ट्र में स्थित RRP इलेक्ट्रॉनिक्स अपनी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और असेंबली क्षमताओं का इस्तेमाल इन सेंसर्स को बनाने के लिए करेगी। कंपनी अपनी ग्रुप कंपनी ‘RRP S4E’ के जरिए इन सेंसर्स को सुरक्षा उपकरणों में फिट (इंटीग्रेट) भी करेगी। यानी डिजाइन से लेकर फाइनल प्रोडक्ट तैयार करने तक, पूरा काम भारत में ही होगा।
RRP इलेक्ट्रॉनिक्स के चेयरमैन राजेंद्र चोडंकर ने बताया कि यह साझेदारी अत्याधुनिक रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग का एक बेहतरीन मेल है। उनका लक्ष्य ऐसी तकनीक बनाना है जो भारत की रक्षा और सुरक्षा क्षमताओं को और मजबूत करे। इससे न केवल देश आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि भारत सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल इनोवेशन के क्षेत्र में ग्लोबल हब के रूप में उभरेगा।
आगे की राह दोनों कंपनियां फिलहाल इस तकनीक के संयुक्त विकास पर काम कर रही हैं। जल्द ही इसे बड़े पैमाने पर उत्पादित किया जाएगा, जिससे भारतीय डिफेंस सेक्टर को विश्व स्तरीय और स्वदेशी समाधान मिल सकें।