सॉफ्ट डिंक्स कारोबार की दिग्गज कंपनी पेप्सिको इंडिया की याचिका उच्चतम न्यायालय ने मंजूर कर ली है। कंपनी ने उच्चतम न्यायालय में केरल उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी।
केरल उच्च न्यायालय ने कंपनी को बिक्री कर में छूट नहीं देने का आदेश दिया था। उच्चतम न्यायालय में न्यायधीश एस बी सिन्हा की पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद आखिरी सुनवाई के लिए 3 मार्च की तारीख तय की है।
इसके साथ ही उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार को तब तक के लिए इस मामले में कोई कदम नहीं उठाने का आदेश दिया है। केरल सरकार ने बिक्री कर को लेकर 1993 में अधिसूचना जारी की थी।
इस अधिसूचना में छोटी, मध्यम और बड़ी कंपनियों को व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने के बाद 7 साल के लिए ही कर में छूट देने की बात तय है।
लेकिन राज्य सरकार ने इसे वापस ले लिया और सिर्फ उन्हीं कंपनियों को इसमें छूट दी जिन्होंने जनवरी 2001 से पहले संयंत्र लगाए थे या फिर उन्हें जिन्होंने दिसंबर 2001 के बाद से उत्पादन शुरू किया था।
पेप्सिको ने बताया कि के रल उच्च न्यायालय ने व्यावसायिक कर उपायुक्त की याचिका के हक में फैसला लिया था। जबकि कंपनी समय से पहले ही उत्पादन शुरू कर चुकी थी। कंपनी ने बताया कि राज्य में उद्योग, विकास कार्यक्रम और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए बिक्री कर में छूट दी जाती है।
कंपनी ने बताया कि राज्य सरकार से उसने 2.77 करोड़ रुपये में 50 एकड़ जमीन 90 साल के लिए लीज पर ली है। कंपनी इस भूमि पर सॉफ्ट ड्रिंक और कुछ खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग के लिए संयंत्र लगाएगी। कंपनी ने मार्च 2001 से अभी तक केरल में व्यावसायिक उत्पादन पर 40 करोड़ रुपये निवेश किए है।