घेरे में रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर!

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 1:36 AM IST

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर (आर इन्फ्रा) पर भी कानून तोड़ने का आरोप है।
दरअसल कंपनी पर आरोप है कि उसने विदेशों में धन उगाहकर भारतीय पूंजी बाजार में निवेश किया है, जिसके जरिये उसने देश के विदेशी ऋण और विदेशी विनिमय कानूनों का उल्लंघन किया है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय उस पर शिकंजा कस सकता है।
वित्त राज्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने लोकसभा में आज कहा कि इस मामले की जांच निदेशालय कर रहा है और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने बताया कि कि आर इन्फ्रा ने जुलाई 2006 में विदेश में तकरीबन 36 करोड़ डॉलर की रकम जुटाई थी।
उसने इसमें से 30 करोड़ डॉलर अप्रैल 2007 में भारतीय बाजार में डेट म्युचुअल फंडों में लगा दिए। बाद में विदेशी सहायक कंपनी में निवेश के नाम पर उसने मार्च 2008 में 50 करोड़ डॉलर की रकम फंडों से निकाल ली।
हालांकि कंपनी इनकार कर रही है। उसके प्रवक्ता ने संपर्क किए जाने पर कहा, ‘हमने कानून का उल्लंघन नहीं किया है।’ 

अलबत्ता बंसल ने कहा कि उस समय लागू कानूनों के मुताबिक विदेश में उगाही रकम को तब तक विदेश में ही रखना होगा, जब तक देश में उसकी वास्तविक जरूरत नहीं होती है और ऐसी रकम को पूंजी बाजार में नहीं लगाया जा सकता है।
विदेशी ऋण विनिमय कानून तोड़ने का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है आरोपों की जांच 

कंपनी ने किया इनकार

First Published : February 19, 2009 | 12:10 AM IST