मंदी से ढीली हुई ‘पैंटालून’

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 12:25 AM IST

देश के सबसे बड़े खुदरा कारोबारी (रिटेलर) किशोर बियाणी ने अपनी विस्तार योजनाएं धीमी कर ली है। अपनी कंपनी पैंटालून रिटेल को मुनाफा में रखने और नगदी भंडार पुख्ता करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
बियाणी ने अब अपना विस्तार लक्ष्य संशोधित किया है। बियाणी ने अपने खुदरा कारोबार को 3 करोड़ वर्गफीट तक फैलाने के लिए 2011 का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब यह समय सीमा 2013 कर दी गई है।
कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, ”कंपनी की विस्तार योजनाएं मौजूदा मंदी के चलते कम से कम दो साल विलंबित हो गई हैं। मंदी की वजह से विस्तार के लिए अब पहले का तरीका नहीं अपनाया जा सकता। कंपनी ने अब इसमें बदलाव किए हैं”
हालांकि बियाणी ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया। फ्यूचर समूह की मुख्य कंपनी पैंटालून रिटेल की योजना रिटेल कारोबार को वित्त वर्ष 2009 तक बढ़ाकर 1.469 करोड़ वर्गफीट करने और वित्त वर्ष 2010 तक 1.925 करोड़ वर्गफीट करने की रही है।
30 जून को खत्म हो रहे मौजूदा वित्त वर्ष तक कंपनी को उम्मीद है कि उसका दायरा 1.2 करोड़ वर्गफीट तक फैल जाएगा। 2008 वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी का दायरा बढ़कर 80 लाख वर्गफीट हो गया। जानकारों के मुताबिक, कंपनी ने 2009 और 2010 के लिए अपनी विस्तार योजना घटाकर अब लगभग आधी कर ली है।
पहले का सालाना अनुमान जहां 40 लाख वर्गफीट के फैलाव का था, वहीं अब इसे घटाकर 25 लाख वर्गफीट कर दिया गया है। ईडेलवाइस सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ”पूंजी की किल्लत के चलते विस्तार योजनाओं पर पुनर्विचार करना पड़ा है।
कर्ज काफी अधिक हो जाने और पूंजी बाजार के लगभग सूख जाने से विकास योजनाओं के लिए पूंजी की कमी हो गई है।” अनुमान है कि मौजूदा वित्त वर्ष के अंत तक पेंटालून का कुल कर्ज बढ़कर 3 हजार करोड़ रुपये हो जाएगा। बीते वित्त वर्ष के अंत तक यह 2,200 करोड़ रुपये पर था।
इसी प्रकार, इसका कर्ज-पूंजी अनुपात पिछले साल के 1.19:1 से बढ़कर 1.4:1 हो जाने का अनुमान है। इसी प्रकार रहेजा के स्वामित्व वाली शॉपर्स स्टॉप्स का कर्ज-पूंजी अनुपात भी बढ़कर 1:1 हो गया है। विशाल रिटेल के मामले में तो यह 2.6:1 तक पहुंच गया है। जानकारों के अनुसार, इस वजह से और कर्ज लेने की क्षमता इस वजह से घटी है।
बियाणी ने पहले बिानेस स्टैंडर्ड को बताया था कि उनका समूह तीन साल में 30 हजार करोड़ रुपये के कर वसूली लक्ष्य से कम से कम छह महीने पीछे रह सकती है। इसकी वजह खराब आर्थिक हालात और कंपनी की बिक्री में हुई कमी रही।
कंपनी मौजूदा वित्त वर्ष के आखिर तक 40 लाख वर्गफीट के विस्तार लक्ष्य से 10 लाख वर्गफीट पीछे रह सकती है। मंदी के चलते पैंटालून का नगद प्रवाह नकारात्मक होने और कई स्टोरों की विकास दर में गिरावट होने का अनुमान है।
बदले-बदले से बियाणी नजर…
                                             वित्त वर्ष 2008                 वित्त वर्ष 2009
कुल कर्ज                             2,200 करोड़ रु.                   3,300 करोड़ रु.
कर्ज-पूंजी अनुपात              1.19:1                                   1.14:1
जमीन                                 80 लाख वर्गफीट                 1.2 करोड़ वर्गफीट

First Published : February 8, 2009 | 11:25 PM IST